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किसी भी ग्रहण के समय भोजन क्यों नहीं बनाना या खाना चाहिए? शास्त्रों में बताए गए हैं ये नियम

Published: Mon, 13 Jul 2026 05:23 PM (IST)

ग्रहण के दौरान भोजन न करने के पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों कारण हैं शास्त्रों के अनुसार ऐसा करने से ...और पढ़ें

ग्रहण में भोजन क्यों वर्जित: धार्मिक और वैज्ञानिक कारण जानें (Picture Credit: AI Generated)

ग्रहण में भोजन क्यों वर्जित: धार्मिक और वैज्ञानिक कारण जानें (Picture Credit: AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आपने अक्सर घर के बड़ों को ऐसा कहते हुए सुना होगा कि किसी भी ग्रहण के समय आपको कुछ नियमों का पालन करना चाहिए।

इन्हीं नियमों में पूजा-पाठ की मनाही के साथ इस दौरान खाना बनाने या खाने से भी है। ग्रहण को एक ऐसी प्राकृतिक घटना माना जाता है जब चंद्रमा और पृथ्वी की स्थिति में बदलाव आता है।

यह स्थिति तब आती है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच से होकर गुजरता है। आइए आपको बताते हैं ग्रहण के दौरान भोजन के किन नियमों का पालन जरूरी होता है और इसके लिए शास्त्रों में क्या बताया गया है।

ग्रहण के दौरान भोजन करने की मनाही क्यों होती है?

पुराणों के अनुसार ऐसा माना जाता है किसी भी ग्रहण के दौरान भोजन न तो बनाना चाहिए और न ही इसे खाना चाहिए क्योंकि इस दौरान चंद्रमा या सूर्य की स्थिति अनुकूल अवस्था में नहीं होती है और इस दौरान वातावरण में कुछ सूक्ष्म जीवाणु मौजूद होते हैं। जिससे ये बहुत जल्दी आपके भोजन में प्रवेश कर जाते हैं और भोजन प्रदूषित हो जाता है।

यह भी मान्यता है कि ग्रहण के दौरान अगर कोई भोजन करता है तो उससे स्वास्थ्य खराब हो सकता है। वहीं इस भोजन को दूषित होने से बचाने के लिए सभी खाद्य सामग्रियों में तुलसी दल डाला जाता है जिससे किसी भी नकारात्मक प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है। स्कंद पुराण की मानें तो ग्रहण के समय भोजन करने से बारह वर्षो का एकत्र किया हुआ पुण्य नष्ट हो जाता है।

ग्रहण के दौरान भोजन न करने के वैज्ञानिक कारण

अगर हम धर्म शास्त्रों से बाहर विज्ञान की बात करें तो ग्रहण के समय ऊर्जा की एक लहर निकलती है, जिसका असर धरती की सतह पर मौजूद सभी चीजों पर पड़ता है।

इन किरणों का असर आपके भोजन पर भी पड़ता है और ये भोजन दूषित हो जाता है। यह स्थिति पर्यावरण में बदलाव के कारण बनती है।

जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच से निकलता है, तो वह ऐसी ऊर्जा निकालता है जो सेहत के लिए नुकसानदायक होती है। ये किरणें खाने-पीने की चीजों को खराब कर सकती हैं और इनके सेवन से समस्याएं हो सकती हैं।

ग्रहण के दौरान रखे हुए भोजन का क्या करें

यदि किसी भी ग्रहण के दौरान भोजन पहले से बना हुआ रखा है तो आपको इस बात का ध्यान देना चाहिए कि उसमें तुलसी या कुशा डाल दें। इससे सूर्य या चंद्रमा की किरणों से होने वाले भोजन पर प्रभाव को कम किया जा सकता है और इसे दूषित होने से भी बचाया जा सकता है।

ग्रहण के समय भोजन न करने के बारे में स्कंद पुराण में भी इस बात का जिक्र है कि इस दौरान भोजन से शरीर में इसके नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं और यही नहीं इस तरह का भोजन शरीर की पाचन क्षमता को भी कमजोर कर सकता है। हालांकि यह नियम गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों के लिए लागू नहीं होते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।