विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पूजा के बीच दीपक का बुझना होता है अपशकुन, मिलते हैं ये डराने वाले संकेत

Published: Thu, 07 May 2026 07:00 AM (IST)

सनातन धर्म में पूजा के दौरान दीपक का बुझना अपशकुन माना जाता है, जो कार्यों में बाधा और पितरों की ...और पढ़ें

दीपक बुझने के संकेत (Picture Credit- AI Generated)

दीपक बुझने के संकेत (Picture Credit- AI Generated) 

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में पूजा के समय दीपक जलाने का विधान है। ऐसा न करने से पूजा अधूरी मानी जाती है और भक्त को पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। दीपक प्रकाश, ज्ञान और सकारात्मकता का प्रतीक है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूजा के समय दीपक जलाने से आर्थिक लाभ और मानसिक शांति मिलती है। साथ ही नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

पूजा के समय दीपक का बुझ जाना अक्सर चिंता का विषय बन जाता है। शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपक के बुझने को अपशकुन माना जाता है, तो आइए जानते हैं कि इसे क्यों माना जाता अपशकुन है और इससे कौन-से संकेत मिलते हैं।

deepak ke niyam

 (Picture Credit- AI Generated) 

दीपक बुझने पर मिलते हैं ये संकेत

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के दौरान दीपक का बुझना अपशकुन माना जाता है। इससे काम में बाधाएं आ सकती हैं।
  • इसके अलावा यह भी माना जाता है कि पूजा के दौरान आपका ध्यान भटक रहा है। इसलिए कहा जाता है कि पूजा के दौरान मन का एकाग्र होना बेहद जरूरी है।
  • पूजा के समय दीपक का शांत होना नकारात्मक ऊर्जा या वास्तु दोष का संकेत माना जाता है।
  • कई मान्यताओं के अनुसार, दीपक के बुझने को पितरों की नाराजगी से भी जोड़कर देखा है। ऐसा पूजा में कोई भूल-चूक होने की वजह से होता है।
  • दीपक का बुझना इस बात का भी संकेत देता है कि पूजा विधि या पूजा सामग्री में कोई कमी रह गई है। इसलिए पूजा से पहले सामग्री को एकत्रित कर लें और पूजा के नियम के बारे में जरूर जान लें।

दीपक बुझने पर जरूर करें ये उपाय

  • यदि पूजा के दौरान आपका दीपक बुझ गया है, तो ऐसे में परेशान नहीं होना।
  • क्षमा प्रार्थना करें- दीपक के बुझने पर अपने इष्ट देव से अनजाने में हुई भूल के लिए क्षमा मांग लें। इसके बाद उस दीपक को फिर से जलाएं। भगवान का ध्यान करें। इस दौरान इष्ट देव के मंत्र या फिर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का सच्चे मन से जप करें।

जरूर करें जलाएं कपूर

दीपक के बुझने पर अगर आपके मन में कोई नकारात्मक विचार आ रहे रहे हैं, तो ऐसे में मंदिर में कपूर जला दें। ऐसा माना जाता है कि कपूर की सुगंध से वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारत्मक ऊर्जा का आगमन होता है।

यह भी पढ़ें- पैसों से भरा रहेगा पर्स! बस छिपाकर रख लें ये गुप्त चीजें, बरकत देख दुनिया रह जाएगी हैरान

यह भी पढ़ें- Deepak ke Niyam: शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर इस तरह जलाएं दीपक, होगा लक्ष्मी जी का आगमन

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।