विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पूजा या ध्यान में ॐ का जप, कैसे, कब और कितनी बार करना सही है? शुरू करने से पहले पढ़ से सभी नियम

Published: Thu, 20 Aug 2026 09:21 AM (IST)

क्या आप भी ॐ का जप करते हैं? जानिए ॐ उच्चारण का सही समय, तरीका और कितनी देर तक इसका जप करना चाहिए।

कितनी देर जप करना सही है? (AI-Generated Image)

कितनी देर जप करना सही है? (AI-Generated Image)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अध्यात्म की दुनिया में 'ॐ' (ओम) सिर्फ एक शब्द ही नहीं, बल्कि पूरी सृष्टि की गूंज माना जाता है। पूजा हो, योग हो या फिर ध्यान, ॐ के उच्चारण के बिना सब अधूरा सा लगता है। हम सभी कभी न कभी आंखें बंद करके ॐ का जप जरूर करते हैं, लेकिन क्या आपने सोचा है कि इसे करने का सही तरीका और समय क्या है?

ॐ का सही उच्चारण कैसे करें?

  • ॐ असल में तीन अक्षरों- ‘अ’, ‘उ’ और ‘म’ से मिलकर बना है। इसका जप करते समय कोई जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
  • सबसे पहले एक शांत जगह पर कमर सीधी करके आराम से बैठ जाएं। शरीर को बिल्कुल ढीला छोड़ दें।
  • आंखें बंद करें और कुछ पल के लिए एक गहरी सांस लें।
  • सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे ॐ का जप शुरू करें।
  • जप पूरा होने के बाद तुरंत न उठें, कुछ सेकंड चुपचाप बैठकर उस गूंज को महसूस करें। इससे मन बहुत एकाग्र होता है।

कितनी देर और कितनी बार करें जप?

अगर आपने अभी जप की शुरुआत की है, तो एक बार में ॐ का उच्चारण लगभग 5 से 10 सेकंड तक करना काफी होगा। बस यह ध्यान रखें कि सांस रोकने में कोई जोर-जबरदस्ती न हो। सबकुछ अपने आप होने दें।

अगर बात करें कि इसे कितनी बार करना चाहिए, तो इसका कोई कड़ा नियम नहीं है। आप अपनी सुविधानुसार शुरुआत में 5, 7 या 11 बार जप कर सकते हैं। इस मामले में खुद के साथ जबरदस्ती करना सही नहीं। क्योंकि जोर-जबरदस्ती से की गई पूजा या जप सब बेकार माना जाता है। ज्यादा बार करने से कहीं ज्यादा जरूरी यह है कि आप कितनी एकाग्रता और सही तरीके से इसे कर रहे हैं। धीरे-धीरे जब आपकी आदत बन जाए, तो आप इसका समय और संख्या दोनों बढ़ा सकते हैं।

जप का सबसे बेहतर समय क्या है?

वैसे तो आप कभी भी ईश्वर का नाम ले सकते हैं, लेकिन सुबह का समय या फिर ब्रह्ममुहूर्त के जप के लिए सबसे बेहतरीन माना गया है। सुबह शांति होती है और हवा में एक अलग ही ताजगी रहती है, जिससे ध्यान आसानी से लगता है। अगर सुबह वक्त न मिले, तो दिन में या पूजा से ठीक पहले भी इसका उच्चारण किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें- सुबह या रात, 'ॐ असतो मा सद्गमय' मंत्र का जप कब करें? पढ़ें सही समय; नियम और मिलने वाले आध्यात्मिक लाभ

यह भी पढ़ें- तनाव और जीवन के कष्ट दूर करता है कृष्ण मूल मंत्र, रोज सुबह 108 बार करें ‘ॐ कृष्णाय वासुदेवाय का जाप’

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।