17 अगस्त को नाग पंचमी पर भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना महादेव हो सकते हैं नाराज
17 अगस्त को मनाई जाने वाली नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन कुछ ...और पढ़ें

नाग पंचमी पर क्या करें और क्या न करें? (AI-Generated Image)
HighLights
घर के द्वार पर नाग आकृति बनाएं और शिव पूजा करें।
भूमि की खुदाई, सांपों को हानि पहुंचाना वर्जित है।
जीवित सांपों को दूध न पिलाएं, धारदार वस्तुएं टालें।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म नाग देवता को समर्पित नाग पंचमी का पर्व अधिक महत्वपूर्ण है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त को मनाया जाएगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन नाग देवता की साधना करने से महादेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और कालसर्प दोष दूर होता है। शास्त्रों के अनुसार, नाग पंचमी के दिन कुछ कामों को करने की मनाही है। वर्जित कामों को करने से अशुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि नाग पंचमी के दिन क्या करें और क्या न करें। ऐसे में आइए आपको एस्ट्रोपत्री के चंद्रेश शर्मा जी के अनुसार बताते हैं कि नाग पंचमी के नियम के बारे में।
एस्ट्रोपत्री के चंद्रेश शर्मा जी बताते हैं कि सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला नाग पंचमी का पर्व नाग देवताओं, भगवान शिव और भगवान विष्णु की अनुकंपा प्राप्त करने का विशेष अवसर है। इस दिन धार्मिक नियमों का सही तरीके से पालन करने से घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है।
नाग पंचमी पर क्या करें?
द्वार पर नाग आकृति: घर के मुख्य द्वार पर गोबर या हल्दी-चंदन से नाग की आकृति बनाएं या तांबे व चांदी के नाग-नागिन के जोड़े का पूजन करें।
शिव-पूजा और मंत्र जप: शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र अर्पित करें और "ॐ नमः शिवाय" या "ॐ नागदेवताय नमः" का जप करें।
दोष निवारण उपाय: जिनकी कुंडली में कालसर्प दोष या राहु-केतु जनित समस्या है, उन्हें इस दिन विशेष पूजा, रुद्राभिषेक और नाग-नागिन के जोड़े को जल में प्रवाहित करना चाहिए।
दान-पुण्य: इस दिन जरूरतमंदों या ब्राह्मणों को धान का लावा (लाह), दूध, मिष्ठान और वस्त्र का दान करें।
नाग पंचमी पर क्या न करें?
भूमि खुदाई पर रोक: नाग पंचमी के दिन खेत जोतना, खुदाई करना या नींव खोदना सख्त मना है, ताकि मिट्टी में छिपे सांपों को कोई क्षति न पहुंचे।
सर्पों की रक्षा: किसी भी जीवित सर्प को मारना, सताना या चोट पहुंचाना भारी पाप माना जाता है।
जीवित सर्प को दूध न पिलाएं: जीवित सांप को जबरन दूध न पिलाएं, यह उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। मंदिर या चित्र पर प्रतीकात्मक रूप से ही दूध अर्पित करें।
धारदार वस्तुओं से दूरी: इस दिन सुई, धागा, कैंची, चाकू जैसी नुकीली वस्तुओं का उपयोग करने से बचना चाहिए।
लोहे के तवे व कड़ाही का प्रयोग: कई क्षेत्रों में नाग पंचमी के दिन चूल्हे पर लोहे का तवा या कड़ाही चढ़ाना वर्जित माना जाता है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
