Mangal Dosh Upay: कहीं भारी मंगल तो नहीं बिगाड़ रहा आपके काम? आज ही शुरू करें इन मंत्रों का जप
कुडंली में मंगल दोष होने पर जातक के जीवन की परेशानियां बढ़ जाती हैं और उसे कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ...और पढ़ें

मंगल दोष के उपाय (AI Generated Image)
HighLights
हनुमान जी को माना जाता है मंगल ग्रह का अधिदेवता
मंगल दोष होने पर जीवन में आती हैं कई समस्याएं
मंगल दोष होने पर ये उपाय आ सकते हैं आपके काम
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मंगल दोष के कारण विवाह या कार्यों में आने वाली बाधाओं से राहत पाने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कई उपाय बताए गए हैं। मंगल ग्रह को मजबूत करने और दोष से मुक्ति पाने के लिए आप इन मंत्रों का जप कर सकते हैं।
मंगल दोष शांति मंत्र -
1. मंगल बीज मंत्र - ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
2. मंगल एकाक्षरी मंत्र - ॐ अं अंगारकाय नमः
3. मंगल वैदिक मंत्र - ॐ धरणीगर्भसंभूतं विद्युतकान्तिसमप्रभम। कुमारं शक्तिहस्तं तं मंगलं प्रणमाम्यहम।।
4. मंगल गायत्री मंत्र - ॐ अंगारकाय विद्महे शक्ति हस्ताय धीमहि तन्नो भौमः प्रचोदयात्।।
5. मंगल का नाम मंत्र
ॐ अं अंगारकाय नम: ॐ भौं भौमाय नम:"
ऊँ नमो भगवते पंचवदनाय पश्चिमुखाय गरुडानना
मं मं मं मं मं सकल विषहराय स्वाहा।।

मंगल चंडिका स्तोत्र (Mangal Chandika Stotra)
“ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवी मङ्गलचण्डिके ।
ऐं क्रूं फट् स्वाहेत्येवं चाप्येकविन्शाक्षरो मनुः ।।
पूज्यः कल्पतरुश्चैव भक्तानां सर्वकामदः ।
दशलक्षजपेनैव मन्त्रसिद्धिर्भवेन्नृणाम् ।।
मन्त्रसिद्धिर्भवेद् यस्य स विष्णुः सर्वकामदः ।
ध्यानं च श्रूयतां ब्रह्मन् वेदोक्तं सर्व सम्मतम् ।।
देवीं षोडशवर्षीयां शश्वत्सुस्थिरयौवनाम् ।
सर्वरूपगुणाढ्यां च कोमलाङ्गीं मनोहराम् ।।
श्वेतचम्पकवर्णाभां चन्द्रकोटिसमप्रभाम् ।
वन्हिशुद्धांशुकाधानां रत्नभूषणभूषिताम् ।।
बिभ्रतीं कबरीभारं मल्लिकामाल्यभूषितम् ।
बिम्बोष्टिं सुदतीं शुद्धां शरत्पद्मनिभाननाम् ।।
ईषद्धास्यप्रसन्नास्यां सुनीलोल्पललोचनाम् ।
जगद्धात्रीं च दात्रीं च सर्वेभ्यः सर्वसंपदाम् ।।
संसारसागरे घोरे पोतरुपां वरां भजे ।।
देव्याश्च ध्यानमित्येवं स्तवनं श्रूयतां मुने ।
प्रयतः संकटग्रस्तो येन तुष्टाव शंकरः ।।
|| शंकर उवाच ||
रक्ष रक्ष जगन्मातर्देवि मङ्गलचण्डिके ।
हारिके विपदां राशेर्हर्षमङ्गलकारिके ।।
हर्षमङ्गलदक्षे च हर्षमङ्गलचण्डिके ।
शुभे मङ्गलदक्षे च शुभमङ्गलचण्डिके ।।
मङ्गले मङ्गलार्हे च सर्व मङ्गलमङ्गले ।
सतां मन्गलदे देवि सर्वेषां मन्गलालये ।।
पूज्या मङ्गलवारे च मङ्गलाभीष्टदैवते ।
पूज्ये मङ्गलभूपस्य मनुवंशस्य संततम् ।।
मङ्गलाधिष्टातृदेवि मङ्गलानां च मङ्गले ।
संसार मङ्गलाधारे मोक्षमङ्गलदायिनि ।।
सारे च मङ्गलाधारे पारे च सर्वकर्मणाम् ।
प्रतिमङ्गलवारे च पूज्ये च मङ्गलप्रदे ।।
स्तोत्रेणानेन शम्भुश्च स्तुत्वा मङ्गलचण्डिकाम् ।
प्रतिमङ्गलवारे च पूजां कृत्वा गतः शिवः ।।
देव्याश्च मङ्गलस्तोत्रं यः श्रुणोति समाहितः ।
तन्मङ्गलं भवेच्छश्वन्न भवेत् तदमङ्गलम् ।।

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जरूर करें ये काम
- रोजाना या मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें और उनके 108 नामों का जप करें।
- अंगारक स्तोत्र का पाठ करें व मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें।
- मंगल दोष से राहते के लिए मंगलवार के दिन व्रत रखें और नमक का सेवन ना करें।
- लाल रंग की वस्तुएं जैसे गुड़, मसूर की दाल, लाल कपड़े आदि का दान करें।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।