Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Kumbh Sankranti 2026: कुंभ संक्रांति पर विजया एकादशी का महासंयोग, जानें स्नान-दान का शुभ समय और नियम

    Updated: Thu, 12 Feb 2026 04:30 PM (IST)

    साल 2026 में कुंभ संक्रांति और विजया एकादशी का एक साथ होना बेहद दुर्लभ और मंगलकारी माना जा रहा है। जानें 13 फरवरी को बनने वाले इस महासंयोग का धार्मिक ...और पढ़ें

    कुंभ संक्रांति पर स्नान और दान का महत्व (Image Source: AI-Generated)

    कुंभ संक्रांति पर स्नान और दान का महत्व (Image Source: AI-Generated)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू कैलेंडर में संक्रांति और एकादशी, दोनों ही तिथियों का अपना विशेष आध्यात्मिक महत्व है। लेकिन, जब ये दोनों एक ही दिन या एक के बाद एक पड़ जाएं, तो इसे सोने पर सुहागा माना जाता है। साल 2026 में कुछ ऐसा ही अद्भुत संयोग बन रहा है। इस बार कुंभ संक्रांति (Kumbh Sankranti) और विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi) का मेल भक्तों के लिए पुण्य कमाने का एक बड़ा अवसर लेकर आ रहा है।

    जब सूर्य देव मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसे 'कुंभ संक्रांति' कहा जाता है। यह दिन न केवल सौर मास के बदलाव का प्रतीक है, बल्कि दान-पुण्य के लिए भी सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

    कुंभ संक्रांति और विजया एकादशी का शुभ संयोग

    साल 2026 में कुंभ संक्रांति 13 फरवरी को मनाई जाएगी। खास बात यह है कि इसी दिन विजया एकादशी का व्रत भी रखा जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पिछले जन्मों के पाप धुल जाते हैं। वहीं, एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की असीम कृपा दिलाता है। इन दोनों का एक साथ होना इस दिन की शक्ति को कई गुना बढ़ा देता है।

    स्नान और दान का क्या है महत्व?

    कुंभ संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने का विधान है। अगर आप किसी पवित्र नदी (जैसे गंगा या यमुना) में स्नान नहीं कर सकते, तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है।

    खबरें और भी

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किया गया दान 'अक्षय पुण्य' प्रदान करता है। लोग इस दिन अनाज, वस्त्र और तांबे के बर्तनों का दान करते हैं। संक्रांति के अवसर पर सूर्य देव को अर्घ्य देना और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना करियर और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है।

    Sankranti 2026

    (Image Source: AI-Generated)

    कुंभ संक्रांति का शुभ मुहूर्त

    पंचांग के अनुसार, कुंभ संक्रांति पर स्नान और दान के लिए समय का विशेष महत्व है। जहां सूर्य देव 13 फरवरी की सुबह 04:14 बजे कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं, पुण्य लाभ के लिए निम्नलिखित समय सबसे उत्तम माने गए हैं:

    संक्रांति क्षण: 13 फरवरी, सुबह 04:14 बजे।

    ब्रह्म मुहूर्त स्नान: सुबह 05:18 से 06:10 के बीच स्नान करना स्वास्थ्य और शुद्धि के लिए सर्वोत्तम है।

    पुण्य काल: दान-पुण्य के लिए सुबह 07:01 से दोपहर 12:35 तक का समय शुभ रहेगा।

    महा पुण्य काल: सबसे सटीक और शुभ समय सुबह 07:01 से 08:53 तक है, जिसमें की गई पूजा का विशेष फल मिलता है।

    यह भी पढ़ें- Kumbh Sankranti 2026: कुंभ संक्रांति पर 52 मिनट का दुर्लभ मुहूर्त; शिववास योग में करें पूजा, खुल जाएंगे तरक्की के द्वार

    यह भी पढ़ें- Kumbh Sankranti 2026: कुंभ संक्रांति पर करें इन सिद्ध मंत्रों का जप, सूर्य देव हर लेंगे आपकी सारी बाधाएं

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।