Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Kumbh Sankranti 2026: कुंभ संक्रांति पर 52 मिनट का दुर्लभ मुहूर्त; शिववास योग में करें पूजा, खुल जाएंगे तरक्की के द्वार

    Updated: Wed, 11 Feb 2026 02:50 PM (IST)

    सनातन धर्म में संक्रांति का विशेष महत्व है, जो हर महीने सूर्य के राशि परिवर्तन पर मनाई जाती है। 13 फरवरी को कुंभ संक्रांति है, जब सूर्य देव मकर राशि स ...और पढ़ें

    Kumbh Sankranti 2026: कुंभ संक्रांति का महत्व

    Kumbh Sankranti 2026: कुंभ संक्रांति का महत्व 

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में संक्रांति का खास महत्व है। यह पर्व हर महीने सूर्य देव के राशि परिवर्तन करने की तिथि पर मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर गंगा स्नान कर पूजा, जप-तप और दान-पुण्य किया जाता है। संक्रांति तिथि पर काले तिल करने से व्यक्ति विशेष की हर मनोकामना पूरी होती है।

    surya dev

    ज्योतिष गणना अनुसार शुक्रवार 13 फरवरी को कुंभ संक्रांति है। इस शुभ अवसर पर शिववास योग समेत कई मंगलकारी शुभ योग बन रहे हैं। इन योग में सूर्य देव की पूजा करने से साधक को अक्षय फल मिलेगा। वहीं, कुंभ संक्रांति पर 52 मिनट का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है। आइए, इसके बारे में सबकुछ जानते हैं-

    सूर्य गोचर (Surya Gochar 2026)

    आत्मा के कारक सूर्य देव 13 फरवरी को राशि परिवर्तन करेंगे। इस दिन सूर्य देव सुबह 04 बजकर 14 मिनट पर मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में गोचर करेंगे। इस शुभ अवसर पर कुंभ संक्रांति मनाई जाएगी। कुंभ राशि में गोचर के दौरान सूर्य देव 19 फरवरी को शतभिषा और 04 मार्च को पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में गोचर करेंगे।

    शुभ योग (Falgun Amavasya Shubh Yoga)

    ज्योतिषियों की मानें तो कुंभ संक्रांति (Kumbh Sankranti 2026) पर शिववास का संयोग दिन भर है। कुंभ संक्रांति के दिन दोपहर 02 बजकर 55 मिनट तक देवों के देव महादेव कैलाश पर जगत की देवी मां पार्वती के साथ रहेंगे। इसके बाद नंदी की सवारी करेंगे। इन योग में गंगा स्नान कर भगवान शिव और सूर्य देव की पूजा करने से साधक पर भगवान शिव की विशेष कृपा बरसेगी।

    खबरें और भी

    दुर्लभ मुहूर्त

    कुंभ संक्रांति के दिन प्रातः काल में 52 मिनट का दुर्लभ संयोग है। यह संयोग ब्रह्म मुहूर्त का है। ब्रह्म मुहूर्त का संयोग सुबह 05 बजकर 18 मिनट से लेकर सुबह 06 बजकर 10 मिनट तक है। इस दौरान गंगा स्नान कर आत्मा के कारक सूर्य देव की पूजा करने से आरोग्यता का वरदान प्राप्त होगा। साथ ही सूर्य देव की कृपा से मनचाही मुराद पूरी होगी।

    यह भी पढ़ें- Kumbh Sankranti 2026: कुंभ संक्रांति पर करें इन सिद्ध मंत्रों का जप, सूर्य देव हर लेंगे आपकी सारी बाधाएं

    यह भी पढ़ें- Kumbh Sankranti 2026 Date: विजया एकादशी पर कुंभ संक्रांति का दुर्लभ संयोग, नोट करें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।