यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Somvati Amavasya 2025: इन उपायों से पितृ दोष करें दूर, बिगड़े काम जल्द होंगे पूरे
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में कई कारणों की वजह से पितृ दोष होता है जिसकी वजह से व्यक्ति को जीवन में कई तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। अगर ...और पढ़ें

HighLights
- ज्येष्ठ अमावस्या के दिन वट सावित्री व्रत किया जाएगा।
- इस दिन सुहागिन महिलाएं व्रत करती हैं।
- इस व्रत को करने से पति को लंबी आयु का वरदान प्राप्त होता है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, 26 मई (Kab Hai Somvati Amavasya 2025) को सोमवती अमावस्या का पर्व मनाया जाएगा। इसे ज्येष्ठ अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस तिथि पर भगवान विष्णु, महादेव और पितरों की पूजा-अर्चना करने का विधान है। सोमवती अमावस्या के दिन वट सावित्री व्रत भी किया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, वट सावित्री व्रत को करने से पति को लंबी आयु का वरदान प्राप्त होता है और वैवाहिक जीवन से जीवन से जुड़ी समस्या से छुटकारा मिलता है। वहीं, सोमवती अमावस्या के दिन पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए उपाय भी किए जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि पितृ दोष की वजह से व्यक्ति को जीवन में कई समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि किन उपायों से पितृ दोष को दूर किया जा सकता है।
सोमवती अमावस्या 2025 डेट और शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 26 मई को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 27 मई को सुबह 8 बजकर 31 मिनट पर होगा। ऐसे में सोमवती अमावस्या 26 मई को मनाई जाएगी। इस दिन सोमवार होने की वजह से इसे सोमवती अमावस्या कहा जाएगा। इस दिन वट सावित्री वत्र भी किया जाएगा।
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सुख-समृद्धि में होगी वृद्धि
सोमवती अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद पीपल के पेड़ की पूजा अर्चना करें और दीपक जलाकर आरती करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से साधक को पितरों की कृपा प्राप्त होती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
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पितृ दोष होगा दूर
सोमवती अमावस्या के दिन पितरों की शांति के लिए श्रद्धा अनुसार विशेष चीजों का दान करें। साथ ही जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए पितरों से कामना करें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से पितरों की कृपा से जीवन में खुशियों का आगमन होता है। साथ ही साधक सभी कामों में सफलता मिलती है और पितृ दोष दूर होता है।
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जरूर करें दीपदान
पितृ दोष को दूर करने के लिए सोमवती के दिन अमावस्या पवित्र नदी स्नान करने के बाद दीपदान करें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से पितृ दोष से छुटकारा मिलता है और बिगड़े काम पूरे होते हैं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।