भोजन के तुरंत बाद भूलकर भी न करें ये 5 काम, गरुड़ पुराण में बताए गए हैं कारण
गरुड़ पुराण के अनुसार, भोजन के तुरंत बाद कुछ कार्य करना वर्जित है। इन नियमों का पालन करने से पाचन और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है।

गरुड़ पुराण के ये नियम: भोजन के बाद न करें ये काम (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
गरुड़ पुराण के अनुसार भोजन के बाद तुरंत स्नान न करें।
भोजन के तुरंत बाद सोना और भारी श्रम वर्जित है।
अधिक पानी पीने और क्रोध करने से बचें, पाचन सुधरेगा।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म के प्रमुख ग्रंथों में से एक है गरुड़ पुराण, जिसका विशेष महत्व माना जाता है। इसमें मनुष्य के कर्म, धर्म, आचरण, जीवन-मृत्यु और सदाचार से जुड़ी कई बातों का वर्णन मिलता है। वहीं इस पुराण में भोजन के कई नियमों के बारे में भी बताया गया है जिसका पालन करने से जीवन में खुशहाली बनी रहती है।
भोजन के इन नियमों में से कुछ हैं जैसे भोजन से पहले ईश्वर को भोग लगाना, हाथ धोने के बाद ही भोजन ग्रहण करना। ऐसे ही आपको भोजन के तुरंत बाद कुछ कामों को करने से बचने की सलाह भी दी जाती है। भोजन करने के तरीके और भोजन के बाद किए जाने वाले कार्यों को लेकर भी कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। आइए आपको बताते हैं गरुड़ पुराण में इस बारे में किया लिखा है कि भोजन के बाद कौन से काम नहीं करने चाहिए।
भोजन के तुरंत बाद स्नान
गरुड़ पुराण के अनुसार, भोजन के तुरंत बाद स्नान नहीं करना चाहिए। इसका एक कारण यह है कि भोजन के बाद शरीर को भोजन पचाने के लिए समय चाहिए होता है। इसलिए भारतीय परंपरा में भोजन और स्नान के बीच अंतर रखने की बात कही गई है।
विशेष रूप से जब आप कोई भारी भोजन करते हैं तो उसके तुरंत बाद स्नान नहीं करना चाहिए। गरुड़ पुराण में भोजन के तुरंत बाद स्नान करने को शास्त्रसंवत नहीं बताया गया है।
भोजन के तुरंत बाद सोने से बचें
भोजन करने के तुरंत बाद सोना भी अच्छी आदत नहीं मानी जाती है। धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो भोजन के बाद शरीर को शांत अवस्था में रखने और कुछ समय सामान्य गतिविधियों में बिताने की परंपरा है।
गरुड़ पुराण के आचार काण्ड में मनुष्य के स्वास्थ्य और दिनचर्या को लेकर कई महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं और इसी में से एक है भोजन के तुरंत बाद न सोने की आदत। मुख्य रूप से आपको दोपहर के भोजन के तुरंत बाद सोना नहीं चाहिए।
भोजन के बाद शारीरिक श्रम न करें
भोजन के तुरंत बाद आपको कभी भी बहुत ज्यादा शारीरिक श्रम नहीं करना चाहिए। आपको इस दौरान भारी सामान भी नहीं उठाना चाहिए। भोजन के तुरंत बाद कम से कम 5 से 10 मिनट वज्रासन में बैठने की सलाह दी जाती है, जिससे व्यक्ति की पाचन तंत्र मजबूत होता है।
भोजन के तुरंत बाद ज्यादा पानी न पिएं
गरुड़ पुराण के अनुसार आपको भोजन के तुरंत बाद ज्यादा पानी ने पिएं। अगर आप भोजन के तुरंत बाद ज्यादा पानी पीते हैं तो इससे भोजन पचाने में कठिनाई होती है। इसके लिए गरुड़ पुराण में एक श्लोक लिखा है- अजीर्णे भेषजं वारि, जीर्णे वारि बलप्रदम।भोजने चाऽमृतम् वारि, भोजनान्ते विषप्रदम। इसका मतलब यह है कि जब खाना न पचा हो जैसी स्थिति में है तब थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी पीना औषधि का काम करता है।
जब भोजन पूरी तरह पच जाए, तब पानी पीना शरीर को शक्ति और पोषण देता है। वहीं भोजन के बीच-बीच में एक-दो घूंट पानी पीना अमृत के समान होता है। वहीं भोजन करने के तुरंत बाद बहुत सारा पानी पीना विष के समान होता है, क्योंकि यह पाचन अग्नि को धीमा कर देता है।
भोजन के बाद तुरंत क्रोध न करना
गरुड़ पुराण में भोजन के तुरंत बाद क्रोध न करने की सलाह दी जाती है। यदि कोई व्यक्ति भोजन के तुरंत बाद गुस्सा करता है तो शरीर से निकलने वाली अग्नि अन्न का अपमान करती है। पुराणों में बताया गया है कि भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं है, बल्कि इसे 'अन्न देव' का रूप जाता है और भोजन के तुरंत बाद गुस्सा नकारात्मक शक्तियों को जागृत करता है, जो अन्न देव का अपमान करना होता है।
भोजन के तुरंत बाद आपको यहां बताए काम करने से बचना चाहिए, जिससे आपके शरीर में भोजन का पूर्ण प्रभाव हो सके और किसी भी नकारात्मक प्रभाव् से बचा जा सके।
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