कान के बाल खोलते हैं इंसान की असल शख्सियत के कई राज, जानिए क्या कहता है सामुद्रिक शास्त्र
क्या आपके या किसी परिचित के कान पर बाल हैं? सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार कान के बालों की बनावट व्यक्ति ...और पढ़ें

क्या कहता है सामुद्रिक शास्त्र? (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष की प्रमुख शाखा 'सामुद्रिक शास्त्र' (Physiognomy) में इंसान के शरीर की बनावट और लक्षणों से उसके स्वभाव व भविष्य का आकलन किया जाता है। शास्त्रों में कहा गया है "शरीरं शास्त्रम्" यानी हमारा शरीर ही अपने आप में एक दर्पण है। चेहरे और हाथों की रेखाओं की तरह कान और उन पर मौजूद बालों का भी विशेष महत्व होता है। कान के बाल व्यक्ति की मानसिक स्थिति, बुद्धिमत्ता और जीवन शैली के बारे में बहुत कुछ बताते हैं।
बालों की बनावट से समझें व्यक्तित्व
जिन लोगों के कानों पर लंबे और घने बाल होते हैं, उन्हें काफी बुद्धिमान, कार्यकुशल और दीर्घायु (लंबी उम्र वाला) माना जाता है। ये लोग विवेकशील और शांत स्वभाव के होते हैं। धन संचय के मामले में ये काफी सतर्क रहते हैं, इसलिए कभी-कभी लोग इन्हें कंजूस भी समझ लेते हैं।
कानों पर छोटे और हल्के बाल होना मेहनती और किस्मत वाले इंसान की पहचान है। ऐसे लोग अपनी लगन से सफलता हासिल करते हैं।
अगर बाल कान के भीतर से निकल रहे हों, तो यह व्यक्ति के रहस्यमयी और गंभीर स्वभाव को दर्शाता है। ये लोग आसानी से अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं करते, लेकिन इनके अंदर गहरा ज्ञान और अनुभव छुपा होता है।
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अगर कान के बाल रूखे या बहुत ज्यादा उलझे हों, तो यह व्यक्ति के जिद्दी और गुस्सैल रवैये की ओर इशारा करता है। ऐसे लोगों को अक्सर पारिवारिक जीवन में छोटी-मोटी बाधाओं से जूझना पड़ता है।
कानों पर बाल न के बराबर होना बताता है कि इंसान बहुत भावुक और संवेदनशील है। ऐसे लोग दूसरों की बातों में जल्दी आ जाते हैं और खुद फैसले लेने में थोड़े कमजोर होते हैं।
क्या कान के बाल काटने चाहिए?
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, कानों के बालों को जड़ से उखाड़ना या पूरी तरह हटाना अच्छा नहीं माना जाता। माना जाता है कि ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा कम हो सकती है। अगर ग्रूमिंग या सुंदरता के लिए इन्हें साफ करना जरूरी लगे, तो इन्हें जड़ से निकालने के बजाय ऊपर से हल्का ट्रिम करना ही बेहतर माना जाता है।
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