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सितंबर में कब है दर्श अमावस्या? पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए जरूर करें ये 4 काम

Published: Wed, 02 Sep 2026 07:15 PM (IST)

दर्श अमावस्या को पितरों की शांति और आशीर्वाद पाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन कुछ उपाय करने ...और पढ़ें

दर्श अमावस्या 2026: पितरों की कृपा पाने के लिए करें ये विशेष उपाय (Picture Credit: AI Generated)

दर्श अमावस्या 2026: पितरों की कृपा पाने के लिए करें ये विशेष उपाय (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. 10 सितंबर 2026 को दर्श अमावस्या का विशेष महत्व।

  2. पितरों की शांति के लिए तर्पण और दान-पुण्य करें।

  3. पीपल पूजा, चंद्र अर्घ्य और दक्षिण दीपक से पूर्वज प्रसन्न।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में किसी भी अमावस्या तिथि का बहुत अधिक महत्व होता है और हर तिथि पितरों की शांति के उपाय करने के लिए खास मानी जाती है। पूरे साल आने वाली सभी अमावस्या तिथियों में से खास माना जाती है दर्श अमावस्या।

इस तिथि को पितरों के निमित्त श्राद्ध करने, दान-पुण्य करने और पवित्र नदी में स्नान करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष है तो उसे इस तिथि में कई उपाय करने चाहिए जिससे किसी भी प्रकार के दोषों से मुक्ति मिले।

पूरे साल की अमावस्या तिथियों में से सितंबर महीने में पड़ने वाली दर्श अमावस्या के दिन आपको कुछ काम करने चाहिए जिससे पूर्वजों की कृपा दृष्टि बनी रहे। आइए आपको बताते हैं कब पड़ेगी दर्श अमावस्या और इस दिन क्या करना आपके लिए शुभ हो सकता है?

सितंबर में कब पड़ेगी दर्श अमावस्या?

हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद महीने में पड़ने वाली अमावस्या को दर्श अमावस्या माना जा रहा है। इस साल यह तिथि 10 सितंबर 2026, गुरुवार को पड़ेगी।

  • दर्श अमावस्या तिथि आरंभ-10 सितंबर, प्रातः 10 बजकर 33 मिनट से
  • दर्श अमावस्या तिथि समापन-11 सितंबर, प्रातः 8 बजकर 56 मिनट तक रहेगी।
  • उदया तिथि के अनुसार, 10 सितंबर को ही दर्श अमावस्या मनाई जाएगी।

दर्श अमावस्या पर क्या करें?

दर्श अमावस्या के दिन आपको कुछ काम करने चाहिए जिससे आपके ऊपर पूर्वजों की कृपा बनी रहे और उनकी नाराजगी से भी बचा जा सके-

पूर्वजों के नाम से तर्पण करें

अगर आप दर्श अमावस्या के दिन पूर्वजों के नाम से तर्पण करते हैं तो उनकी आत्मा को शांति मिलती है और आपके ऊपर उनकी कृपा बनी रहती है। इस दिन पानी में काले तिल मिलाकर पूर्वजों के नाम से जल अर्पित करें। अगर आप किसी पवित्र नदी में स्नान करने के बाद तर्पण करते हैं तो ज्यादा शुभ माना जाता है।

पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं

पीपल के वृक्ष को पूर्वजों से संबंधित माना जाता है। अगर आप दर्श अमावस्या के दिन स्नान करके पीपल के वृक्ष में दीपक जलाएं, तो यह अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे आपके जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं और पूर्वजों की कृपा बनी रहती है।

दर्श अमावस्या पर चंद्रमा की पूजा करें

दर्श अमावस्या के दिन मुख्य रूप से चंद्रमा की पूजा की जाती है। चंद्रमा की पूजा से पूर्वजों की कृपा भी बनी रहती है और जीवन में खुशहाली आती है। हालांकि, इस दिन रात के समय चंद्रमा आसमान में दिखाई नहीं देता है, लेकिन चंद्रोदय की दिशा में अर्घ्य देते हुए आपको पूजा करनी चाहिए।

घर की दक्षिण दिशा में दीपक जलाएं

दक्षिण दिशा को पूर्वजों की दिशा माना जाता है। अगर आप दर्श अमावस्या के दिन घर की दक्षिण दिशा में पूर्वजों के नाम का दीपक जलाते हैं, तो यह अत्यंत शुभ माना जाता है और इससे पितरों का आशीर्वाद भी बना रहता है।

अगर आप भी दर्श अमावस्या के दिन यहां बताए उपायों को आजमाते हैं तो आपके जीवन में इसके शुभ प्रभाव बने रहते हैं और ये उपाय पूर्वजों की नाराजगी दूर कर सकते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।