प्रेमानंद महाराज ने बताया हाथ पर 'महादेव' या 'राधे-राधे' लिखवाने का नुकसान, अनजाने में हो जाता है भारी पाप
क्या आपने भी अपने हाथ या शरीर पर भगवान के नाम का टैटू बनवाया है? वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद ...और पढ़ें

महाराज जी ने टैटू को लेकर क्या बताया? (AI-Generated image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आजकल हर किसी पर टैटू बनवाने का क्रेज देखने को मिलता है। बहुत से लोग अपने हाथों, गर्दन या शरीर के अन्य हिस्सों पर भगवान का नाम, मंत्र या उनकी कोई आकृति बनवा लेते हैं। लेकिन, धर्म के नजरिए से क्या ऐसा करना सच में सही है? उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित 'श्री हित राधा केलि कुंज' आश्रम के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने इस विषय पर एक बहुत ही गहरी और अहम बात कही है।
क्या शरीर पर भगवान के नाम का टैटू बनवाना सही है? वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने बताया कि ऐसा करने से अनजाने में क्या पाप हो सकता है और टैटू बनवाने का सही नियम क्या है।
आश्रम में पहुंचे भक्त को देखकर दी सलाह
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है एक व्यक्ति अपने परिवार के साथ उनसे मिलने पहुंचा। महाराज जी की नजर उस व्यक्ति के बाएं हाथ पर पड़ी, जिस पर त्रिशूल के साथ 'महादेव' और अंग्रेजी में 'Blessings' लिखा हुआ था।
इसे देखते ही प्रेमानंद महाराज ने उसे टोका और कहा कि शरीर पर, खासकर हाथों पर भगवान के नाम का टैटू कभी नहीं बनवाना चाहिए।
इसे सही क्यों नहीं माना जाता?
महाराज जी ने समझाया कि बाएं हाथ का इस्तेमाल हम रोजाना शौच (टॉयलेट) और सफाई के कार्यों में करते हैं। इसके अलावा, दैनिक जीवन में हाथ कई अशुद्ध जगहों पर भी लगते हैं। ऐसे में भगवान के पवित्र नाम या प्रतीक का अशुद्धता से संपर्क होता है, जिससे अनजाने में बहुत बड़ा नाम-अपराध (पाप) बनता है।
टैटू बनवा चुके लोग क्या करें?
जिन लोगों ने अपने हाथों में पहले से ही टैटू बनवा लिया है, उनके लिए भी महाराज जी ने एक आसान उपाय बताया। उन्होंने उस भक्त को सलाह दी कि वह उस टैटू को मॉडिफाई करा ले या महादेव के नाम और त्रिशूल की जगह वहां कोई फूल या डिजाइन बनवा लें, जिससे भगवान के नाम का अनादर न हो।
प्रेमानंद महाराज के अनुसार, भगवान को शरीर की त्वचा पर छपवाने की जगह अपने दिल और मन में बसाना चाहिए। नाम का सही इस्तेमाल जप करने और स्मरण करने में है, न कि उसे शरीर पर टैटू के रूप में दिखाने में।
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