भादो के पवित्र महीने में किन चीजों का करें दान? सुख-समृद्धि पाने के आसान उपाय
भाद्रपद महीने में भगवान श्रीकृष्ण और गणेश जी की पूजा के साथ दान का विशेष महत्व है। जानें अन्न, वस्त्र और गौ सेवा से जुड़े दान के क्या फायदे हैं।
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भाद्रपद महीने में क्या दान करें? (AI-Generated Image)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में भाद्रपद यानी भादो के महीने को अध्यात्म का एक खास समय माना जाता है। इस पूरे महीने भगवान श्रीकृष्ण और विघ्नहर्ता श्री गणेश की पूजा का विधान है। इसी महीने में जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी और अनंत चतुर्दशी जैसे बड़े पर्व पड़े ही उत्साह के साथ मनाए जाते हैं।
शास्त्रों के अनुसार, भादो में पूजा-पाठ के साथ-साथ अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी बहुत फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस महीने किया गया दान जीवन के सभी कष्टों को दूर कर देता है।
भादो में दान का धार्मिक महत्व
मान्यताओं के मुताबिक, इस महीने में निष्काम भाव से की गई मदद और दान-पुण्य से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। भादो के दौरान इन चीजों का दान सबसे ज्यादा कल्याणकारी माना गया है:
अन्न दान: इस महीने में किसी जरूरतमंद को गेहूं, चावल, दाल या किसी भी अनाज का दान करना सबसे शुभ माना जाता है। ऐसा करने से आपके घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती और परिवार पर आशीर्वाद बना रहता है।
वस्त्र (कपड़े) दान: अन्न के अलावा किसी जरूरतमंद को कपड़ों का दान भी बहुत अच्छा माना गया है। किसी गरीब को मौसम के अनुसार कपड़े देना बहुत बड़ा पुण्य होता है।
गौ सेवा और चारा: सनातन परंपरा में गाय की सेवा को सर्वोच्च स्थान मिलता है। इस महीने गायों को हरा चारा खिलाने या गौशाला में सहयोग देने से जीवन के कई संकट दूर होते हैं और सभी देवी-देवताओं की कृपा मिलती है।
छाता और डेयरी उत्पाद: चूंकि भादो में बारिश का जोर रहता है, इसलिए छतरी (छाते) का दान बेहद उपयोगी माना जाता है। इसके अलावा, दूध, दही, छाछ और देसी घी का दान भी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए अच्छा माना गया है।
कब से कब तक है भाद्रपद मास?
पंचांग के अनुसार, इस साल भाद्रपद महीने की शुरुआत 28 अगस्त से हो चुकी है, जो 26 सितंबर 2026 तक रहेगा। इस पूरे महीने ईश्वर ध्यान के साथ-साथ किसी जरूरतमंद के काम आना ही सच्ची भक्ति है। अगर आप भी इस महीने अपनी क्षमता के अनुसार खुशी से दान करते हैं तो यह आपके और आपके परिवार के लिए बहुत फलदायी साबित हो सकता है। लेकिन, इस बात का ध्यान रहे कि दान करते समय मन में घमंड या अहंकार नहीं आना चाहिए।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
