सौभाग्य और अटूट पुण्य पाने का महामुहूर्त है अक्षय तृतीया, इस दिन जरूर करें ये विशेष उपाय
अक्षय तृतीया के दिन जप-तप, दान और शुभ कार्यों का फल अक्षय रहता है और साधक को सुख-समृद्धि मिलती है। ...और पढ़ें

अक्षय तृतीया पर करें ये विशेष उपाय (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
अक्षय तृतीया को माना जाता है एक 'अबूझ मुहूर्त'
इस दिन दान-पुण्य से मिलता है अनंत गुना फल
शुभ माना जाता है सोना, चांदी और नमक खरीदना
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है, जिसे आखा तीज भी कहा जाता है। इस बार अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जा रही है। 'अक्षय' का अर्थ है जिसका कभी क्षय यानी नाश न हो। माना जाता है कि इस दिन किए गए जप-तप, दान और शुभ कार्यों का फल जीवनभर बना रहता है। आइए जानते हैं इस पावन तिथि पर सुख-समृद्धि पाने के कुछ विशेष उपाय।
कर सकते हैं ये शुभ कार्य
अक्षय तृतीया को 'अबूझ मुहूर्त' माना जाता है। इसका अर्थ है कि इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग देखने या मुहूर्त निकालने की आवश्यकता नहीं होती। ऐसे में इस दिन पर बिना किसी मुहूर्त के शादी, सगाई, मुंडन और नामकरण जैसे शुभ व मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। इसी के साथ यह तिथि किसी नए काम की शुरुआत करने के लिए भी बहुत ही शुभ मानी जाती है।
अक्षय पुण्य के लिए क्या करें दान?
- हिंद धर्म में माना गया है कि अक्षय तृतीया पर दान का फल अनंत गुना बढ़ जाता है। ऐसे में आप इस दिन पर अपनी क्षमतानुसार जरूरतमंदों को अनाज जैसे गेहूं, जौ, चावल, जल से भरे पात्र, वस्त्र और धन का दान कर सकते हैं।
- अक्षय तृतीया के दिन सफेद रंग की चीजों दूध, दही, शक्कर, शंख, सफेद कपड़े और खीर आदि का दान करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे जातक की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत होती है।
- अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आप घी, गुड़, चना और सत्तू का दान भी कर सकते हैं, जो अत्यंत फलदायी माना गया है।
खरीदें ये चीजें
अक्षय तृतीया को समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन दान के साथ-साथ कुछ चीजों की खरीदारी को भी शुभ माना गया है -
- अक्षय तृतीया के दिन सोना या फिर चांदी खरीदने से धन-समृद्धि आती है। मान्यता है कि इस दिन घर लाया गया सोना कभी कम नहीं होता।
- अक्षय तृतीया का दिन नया वाहन या घर खरीदने के लिए भी श्रेष्ठ माना गया है।
- यदि आप कीमती धातु नहीं खरीद सकते, तो इस दिन पर नमक खरीदकर घर लाना भी बहुत शुभ माना गया है।
मिलेगी पितरों की कृपा
अक्षय तृतीया पर पितरों के निमित्त किया गया कार्य परिवार में शांति लाता है। ऐसे में इस दिन पर पितरों की पसंद का भोजन और जल का दान करना चाहिए। इसके साथ ही ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा देकर उन्हें सम्मानपूर्वक विदा करें। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और परिवार पर दया दृष्टि बनाए रखते हैं, जससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।