30 साल से भी ज्यादा पुराना यह भजन असल में है 'श्री कृष्ण मंत्र', 108 बार जाप करने से होते हैं 5 चमत्कारी फायदे
30 साल से भी पुराना 'श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी' भजन वास्तव में एक शक्तिशाली मंत्र है। इसका 108 बार ...और पढ़ें

श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी मंत्र के 5 अद्भुत फायदे

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पद्मश्री विजेता रवींद्र के द्वारा गाया गया 30 से भी ज्यादा पुराना भजन 'श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा', आज भी श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर यह भजन सभी के घरों में चलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह भजन एक मंत्र से निकला हुआ है। यह मंत्र इस भजन के शुरुआत की पहली लाइन में छुपा हुआ है। इस मंत्र का जाप यदि रोजाना 108 बार किया जाए, तो जातक को 5 चमत्कारी लाभ हो सकते हैं।चलिए, तो हम आपको सबसे पहले इस मंत्र का अर्थ और फिर इससे जुड़े चमत्कारी लाभ के बारे में बताते हैं।
क्या है 'श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा' मंत्र का अर्थ?
इस मंत्र का अर्थ बहुत ही सरल और स्पष्ट है , इस मंत्र के माध्यम से एक भक्त श्री भगवान श्री हरि विष्णु से निवेदन कर रहा है "हे श्रीकृष्ण! हे गोविंद! हे मुर दैत्य के नाशक मुरारी , हे मेरे स्वामी नाथ, हे नारायण, हे वासुदेव, मैं आपको प्रणाम करता हूं और आपकी शरण में हूं।"
'श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी...' मंत्र को 108 बार जपने के फायदे
मानसिक शांति और तनाव मुक्ति
इस दिव्य मंत्र के उच्चारण से मन शांत हो जाता है। कई बार जीवन की परेशानियों में मन भटक जाता है और यह मंत्र इसी भटकाव को कम करता है। यदि हम रोज इस मंत्र का 108 बार जाप करते हैं, तो हम ओवरथिंकिंग जैसे मानसिक समस्या से खुद को बचा सकते हैं। इस मंत्र का जाप करने से हमें समस्याओं के हल नजर आने लगते हैं। मन शांत होता है, तो कठिन वक्त भी आसानी से कट जाता है।
नकारात्मकता का नाश:
इस मंत्र का जाप रोजाना करने से मन के अंदर मौजूद नकारात्मकता भी दूर होती है। हम कई बार ऐसे विचारों से घिरे होते हैं, जो हमारे स्वभाव से विपरीत होते हैं। हमें यह पता होता है, मगर नकारात्मकता इन विचारों को हमारे अंदर से जाने नहीं देती है। ऐसे में इस मंत्र के रोजाना जाप करने से मन में सकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है और हम दिमाग में आ रहे नकारात्मक विचारों को खुद से दूर कर पाने में सक्षम हो पाते हैं।
आध्यात्मिक जागृति:
इस मंत्र के जाप और नियमित स्मरण से भगवान श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम, भक्ति और चेतना का विकास होता है। भक्ति भी हमें सभी बुरी भावनाओं से बचाकर रखती है। हम सही दिशा में सोचने लगते हैं और हमारे सारे काम बनते जाते हैं।
कष्टों और भय से मुक्ति:
हर किसी के मन में कुछ ऐसी बातें होती हैं, जो अनावश्यक भय उत्पन्न करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रभु के इन पावन नामों का जाप करने से जीवन के तमाम संकट और अज्ञात भय समाप्त होने लगते हैं।
आत्मविश्वास आता है:
प्रतिदिन इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति ऊर्जावान महसूस करता है और जीवन के प्रति उसका दृष्टिकोण सकारात्मक बनता है। इससे व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास आता है, जो काम उसे कठिन लग रहा होता है, उसे वह आसानी से पूर्ण कर पाता है और अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ जाता है।
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