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    शंख से करें मां लक्ष्मी का अभिषेक, खिंची चली आएंगी सुख-समृद्धि, नोट कर लें ये गुप्त मंत्र और विधि

    Updated: Wed, 04 Mar 2026 11:59 AM (IST)

    क्या आप जानते हैं कि शंख को माता लक्ष्मी का भाई क्यों माना जाता है? पढ़ें समुद्र मंथन से जुड़ी यह पौराणिक कथा। साथ ही, शंख से लक्ष्मी जी का अभिषेक करने ...और पढ़ें

    माता लक्ष्मी और शंख का गुप्त रिश्ता (Image Source: AI-Generated)

    माता लक्ष्मी और शंख का गुप्त रिश्ता (Image Source: AI-Generated)

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    धर्म डेक्स, नई दिल्ली। कोई भी शुभ अवसर, माता लक्ष्मी की पूजा के बिना अधूरा है। हम सब चाहते हैं कि मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) का वास हमारे घर में हो। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि माता लक्ष्मी की पूजा में 'शंख' का इतना महत्व क्यों है? दरअसल, इसके पीछे एक बहुत ही सुंदर और पौराणिक कहानी है जो हमें रिश्तों की गहराई और भक्ति का सही तरीका सिखाती है।

    पौराणिक कथाओं और धर्मग्रंथों के अनुसार, जब देवताओं और असुरों के बीच समुद्र मंथन हुआ था, तब उस मंथन से 14 रत्न निकले थे। इन रत्नों में से एक स्वयं माता लक्ष्मी थीं और उन्हीं के साथ समुद्र से 'शंख' की भी उत्पत्ति हुई थी। इसी कारण शंख को माता लक्ष्मी का सगा भाई माना जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यही वजह है कि जिस घर में शंख की पूजा होती है या जहां शंख की ध्वनि गूंजती है। वहां, माता लक्ष्मी खिंची चली आती हैं। इसीलिए लक्ष्मी पूजन में शंख का होना जरूरी माना जाता है।

    Laxmi Puja

    (Image Source: AI-Generated)

    कैसे करें मां लक्ष्मी का अभिषेक?

    • माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अभिषेक करना सबसे उत्तम माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, अभिषेक के लिए दक्षिणवर्ती शंख का प्रयोग करना चाहिए।
    • सबसे पहले एक तांबे या चांदी के पात्र में गंगाजल भरें। इसमें कच्चा दूध, दही, घी, शहद और मिश्री मिलाकर पंचामृत तैयार करें।
    • शंख में पंचामृत भरकर माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र पर धीरे-धीरे अर्पित करें। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, अभिषेक के दौरान 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र का जप करना अत्यंत फलदायी होता है।
    • पंचामृत के बाद साफ गंगाजल से पुन: अभिषेक करें और फिर माता को लाल चुनरी और सुहाग की सामग्री अर्पित करें।

    इस तरह प्रेम और श्रद्धा से किया गया अभिषेक न केवल घर की दरिद्रता दूर करता है, बल्कि मानसिक शांति और सुख-समृद्धि के द्वार भी खोलता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।