वरूथिनि एकादशी पर मंडरा रहा है 'राज पंचक' का साया, भूलकर न करें ये 4 गलतियां
आज यानी 13 अप्रैल 2026 को वरूथिनि एकादशी पर 'राज पंचक' का साया रहेगा, जिससे सावधानी बरतनी होगी। नए काम, आर्थिक जोखिम और कागजी कार्यवाही में जल्दबाजी स ...और पढ़ें

राज पंचक में क्या न करें? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। वरूथिनि एकादशी भगवान विष्णु की भक्ति का एक बहुत ही पवित्र दिन है, जिसे जीवन में सुख और सुरक्षा देने वाला माना जाता है। यह एकादशी ज्योतिष के हिसाब से बहुत महत्वपूर्ण है।
इस दिन चंद्रमा कुंभ राशि में रहेंगे और उन पर मिथुन राशि में बैठे गुरुदेव की नजर होगी। ग्रहों का यह आपसी मेल जीवन में नई तरक्की और मौके लेकर आ सकता है। हालांकि, राहु और 'राज पंचक' की उपस्थिति यह इशारा कर रही है कि लाभ पाने के लिए बहुत सावधानी बरतनी होगी।
इस समय मीन राशि में कई ग्रहों की हलचल रहेगी, जिससे मन में थोड़ी दुविधा पैदा हो सकती है। गुरु और चंद्रमा का प्रभाव जहां एक ओर अच्छे सुधार और धन के संकेत दे रहा है, वहीं राज पंचक की मौजूदगी हमें सतर्क करती है कि कोई भी निर्णय बिना सोचे-समझे न लिया जाए। धैर्य और साफ सोच के साथ ही इस दिन के शुभ फलों का पूरा लाभ उठाया जा सकता है।

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राज पंचक में इन गलतियों से बचें
राज पंचक के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि कोई बड़ा नुकसान न हो।
- नए काम की शुरुआत: इस दिन किसी भी नए और बहुत बड़े काम की शुरुआत करने से बचें।
- आर्थिक जोखिम: धन के मामले में कोई भी जोखिम न उठाएं और निवेश को कुछ समय के लिए टाल दें।
- कागजी कार्यवाही: बिना पूरी जांच-परख के किसी भी जरूरी कागज पर साइन न करें।
- यात्रा और विवाद: यात्रा से जुड़े बड़े निर्णय लेते समय सावधानी बरतें और झगड़ों से पूरी तरह दूर रहें।
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राशियों के अनुसार विशेष सावधानी
मेष राशि: चंद्रमा और राहु की स्थिति आपके मन में लाभ को लेकर थोड़ी दुविधा पैदा कर सकती है। काम में मौके तो दिखेंगे, लेकिन सही फैसला लेना आपके लिए थोड़ा मुश्किल होगा। किसी भी तरह के बड़े निर्णय में जल्दबाजी न करें और अपनी वाणी पर संयम रखें।
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मंत्र: 'ओम नमं शिवाय' का जाप करें।
कर्क राशि: मन में अनजाना डर या घबराहट रह सकती है। काम के क्षेत्र में किसी भी तरह के जोखिम भरे काम से दूर रहें। रिश्तों में गलतफहमी होने के संकेत हैं, इसलिए शांत रहें। निवेश के लिए यह समय ठीक नहीं है।
मंत्र: महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
सिंह राशि: साथ मिलकर किए जाने वाले कामों में थोड़ी अनबन हो सकती है। दूसरों के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत आएगी, इसलिए ईगो से दूर रहें। धन के लेन-देन में बहुत सावधानी बरतें और किसी पर भी तुरंत भरोसा न करें।
मंत्र: सूर्यदेव को जल चढ़ाएं।
कुंभ राशि: चंद्रमा आपकी ही राशि में राहु के साथ हैं, जिससे मन में उथल-पुथल रह सकती है। काम में कोई भी बड़ा कदम उठाने के लिए यह सही समय नहीं है। रिश्तों में धीरज रखें और किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचें।
मंत्र: भगवान भैरव की पूजा करें।
मीन राशि: आपके लिए यह समय खुद को समझने और शांति बनाए रखने का है। काम में स्पष्टता की कमी महसूस हो सकती है, इसलिए जरूरी काम टाल दें। खर्चों में बढ़ोतरी होने के संकेत हैं, अपनी योजना बनाकर चलें।
मंत्र: भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें।
सफलता के लिए विशेष सीख
वरूथिनि एकादशी का यह योग मौके और सावधानी का एक अनूठा मेल है। गुरु-चंद्र का प्रभाव आपके लिए तरक्की के रास्ते खोल सकता है, लेकिन सफलता केवल उन्हीं को मिलेगी जो बिना किसी जल्दबाजी के और शांत मन से आगे बढ़ेंगे। भगवान की भक्ति और सही योजना आपको मजबूती की ओर ले जाएगी।
उपाय
- मन को शांत रखने के लिए 'ओम नमं शिवाय' का जाप करें।
- किसी भी बड़े काम से पहले बड़ों की सलाह जरूर लें।
- इस पावन दिन पर जरूरतमंदों को अपनी शक्ति के अनुसार दान करें।
- एकादशी का व्रत रखें या सादा भोजन ग्रहण करें।
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लेखक: श्री आनंद सागर पाठक, astropatri.com, फीडबैक के लिए लिखें: [email protected]