इस गणेश चतुर्थी, पर्यावरण का रखें ध्यान! इको-फ्रेंडली मूर्तियों से मनाएं त्योहार

गणेश चतुर्थी की पूजा और विसर्जन के लिए इको-फ्रेंडली गणपति का ट्रेंड कई सालों से चला आ रहा है। इस तरह की मूर्तियां प्रकृति को नुकसान नहीं पहुंचाती है और पानी में आसानी से मिट्टी के रूप में घुल जाती हैं। आपको भी इसबार गणेश जी की इन मूर्तियों को घर में स्थापित करना चाहिए।
इको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियां
इको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियां

अगर आप प्रकृति को हानि पहुंचाए बिना गणेश चतुर्थी का उत्सव मनाना चाहते हैं, तो इको-फ्रेंडली गणपति को घर लाएं। इन्हें आप 4 सितंबर के दिन अपने घर में स्थापित करके पूजा-अर्चना कर सकते हैं। वहीं, विसर्जन के लिए ये मूर्तियां सबसे अच्छी रहती है। POP से बनी मूर्तियां जहां पानी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं। वहीं, मिट्टी से बनी इको-फ्रेंडली गणेश जी की मूर्ती पानी में मिल जाती है। इस तरह की मूर्तियों में भी आपको अलग-अलग आकार और प्रकार के गणपति बप्पा मिलते हैं। ऐसे में अगर आप भक्ति और प्रकृति का संतुलने बनाए रखते हुए त्योहार मनाना चाहते हैं, तो यहां इनके विकल्प देख सकते हैं।

जांचे गए विकल्प

हमारे द्वारा सटीक रिसर्च के साथ प्रोडक्ट का चुनाव किया जाता है, जिसमें विशेषताओं की तुलना, ग्राहक समीक्षाएं, और प्रोडक्ट की खामियां तक शामिल होती हैं।

  • Eco Friendly Handcrafted Clay/Mud Dagdusheth Ganpati Murti

    इस गणपति मूर्ति को खूबसूरत रंगों के साथ तैयार किया गया है। इसे कच्ची मिट्टी से बनाया गया है, जो पर्यावरण के अनुकूल है और विसर्जित करने पर पानी में घुल जाती है। गणेश जी की इस मूर्ति की ऊंचाई 9 इंच है। इसमें गणपति बप्पा आसन की मुद्रा में बैठे हैं, जिसमें नीचे चौकी भी बनाई गई है।

    पंडाल में इस तरह सजाएं

    इस मूर्ति के रंगों को मैच करने के लिए आपको पीछे लाल या पीले रंग का पर्दा लगाना चाहिए। पर्दे के ऊपर आप फूलों की लड़ियां और फेयरी लाइट्स जरूर टांगें। इसके अलावा आप बप्पा के आस-पास दिया स्टैंड रख सकते हैं और साथ ही नीचे कुछ फूलों के गुलदस्से भी बढ़िया दिखेंगे।

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  • B S NATURAL Eco-Friendly Ganesh Idol cm Clay Ganesha Murti for Home & Visarjan

    अगर आप नदी को दूषित किए बिना गणेश चतुर्थी के बाद गणपति जी को विदा करना चाहते हैं, तो यह इको-फ्रेंडली मूर्ति आपके लिए अच्छी है। इसे पानी में 2-3 घंटे के अंदर घुल जाने वाली 100% प्राकृतिक मिट्टी से बनाया गया है। यह Ganpati Idol 19 सेमी की ऊंचाई और 11.5 सेमी की चौड़ाई में आता है। इसका प्राकृतिक रंग-रूप और उस पर लगा लाल रंग का टीका देखने में बेहद भव्य और मनमोहक लगते हैं।

    पंडाल में इस तरह सजाएं

    घर को एक प्रकृति से भरा एहसास देने के लिए आप आम और केले के पत्तों को साथ ताजे फूलों का इस्तेमाल करें। इसके लिए मूर्ति के पीछे आम के पत्तों और गेंदे के फूल वाली लड़ियां लगाएं। पंडाल के दोनों तरफ केले के पत्ते सजाएँ। वहीं, फूलों से बनी रंगोली और मूर्ति या श्रृंगार पंडाल को बेहद खूबसूरत दिखाएगा।

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  • हमारे मूल मूल्य

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    हर उत्पाद समीक्षा में विशेषताओं के साथ कमियों के बारे में भी बताया जाता है ताकि आप अपने लिए सही चुनाव कर सकें।

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  • Bossify 100% Eco-Friendly Clay Ganesh Idol Ganesh Ji Murti for Visarjan

    गणपति बप्पा की यह मूर्ति बेहद प्यारे और मन को लुभाने वाले रूप में आती है, जो घर में स्थापित करने पर बहुत का सुंदर दिखेगी। घर के छोटे से मंदिर में भी इस 4.5 इंच की ऊंचाई वाली छोटी सी मूर्ति को आसानी से स्थापित किया जा सकता है। प्राकृतिक क्ले से बने होने की वजह से Ganesh Idol पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाती है और विसर्जन करने पर पानी में कुछ ही घंटों में घुल जाती है।

    पंडाल में इस तरह सजाएं

    गणेश जी के बालरूप को दर्शाने वाली इस मूर्ति के लिए पंडाल को सजाने के लिए रंग-बिरंगी मोतियों या पेपर से बनी लड़ियों का इस्तेमाल बैकड्रॉप बनाने के लिए करें। एक सुंदर रंगों से भरी रंगोली चौकी के सामने बनाएं। आप मूर्ति के आस-पास ताजे फूलों के गुलदस्ते रख सकते हैं और साथ ही लाइट्स लगा सकते हैं।

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  • KSI Eco Friendly Ganesha Idol 9.8 Inches

    यह सुंदर मूर्ति विसर्जन करने पर 2-3 घंटे के अंदर पानी में मिल जाएगी, जिससे आपकी पूजा और प्रकृति की रक्षा दोनों एकसाथ होती हैं। इसे कुशल कारीगरों द्वारा कच्ची मिट्टी से तैयार किया गया है। पगडी लगाए हुए गणेश जी की यह मूर्ति देखने में बेहद आकर्षक है। इसमें गणपति जी की आंखों को काफी खूबसूरती से बनाया गया है, जिन्हें देखकर आपका मन भी प्रसन्न हो जाएगा।

    पंडाल में इस तरह सजाएं

    इस मूर्ति को स्थापित करने के लिए आप प्राकृतिक थीम वाला पंडाल सजा सकते हैं। फूल, पत्तियां, पौधे से सजा पंडाल बेहद खूबसूरत दिखेगा और मूर्ति के स्वरूप को भी निखारेगा। इसके अलावा आप मोरपंख वाले बैकग्राउंड और आस-पास फूलों व लाइट्स की सजावट कर सकते हैं।

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  • TIED RIBBONS 100% Eco Friendly Clay Ganesha Idol

    100% इको फ्रेंडली तरीके से तैयार की गई यह मूर्ति गणेश चतुर्थी की पूजा और विसर्जन के लिए अच्छी है। यह 11 इंच के बड़े आकार में आती है, जो कि चौकी पर स्थापित करने पर काफी भव्य दिखेगी। इसमें गणपति जी के आभूषणों को सुंदर सुनहरे रंग के पेंट किया गया है, जो प्राकृतिक मिट्टी पर आकर्षक दिखता है। हाथों से बनाई गई यह मूर्ति पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती है।

    पंडाल में इस तरह सजाएं

    फूलों की लड़ियों, फेयरी लाइट्स और पर्दों के साथ तैयार किया गया बैकग्राउंड बहुत ही शानदार दिखेगा। मूर्ति के पास ऊर्ली, दीयों के स्टैंड और गोल्डन कलश रखें। इसके अलावा आप आस-पास फूलों के गुलदस्ते और मटके या फिर अन्य सुंदर मूर्तियों को भी रख सकते हैं।

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Faq's

  • इको-फ्रेंडली गणेश मूर्ति बनाने के लिए किन सामग्रियों का उपयोग किया जाता है?
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    इको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियां मुख्य रूप से मिट्टी, प्राकृतिक रंग (हल्दी, मुल्तानी मिट्टी आदि), कागज के गूदे या सब्जियों के गूदे जैसी विघटित होने वाली सामग्रियों से बनाई जाती हैं।
  • घर पर इको-फ्रेंडली गणेश विसर्जन कैसे करें?
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    घर पर विसर्जन के लिए आप एक बड़े टब या बाल्टी में पानी भरकर मूर्ति का विसर्जन कर सकते हैं, या फिर उसे गमले की मिट्टी में विसर्जित कर सकते हैं ताकि वह खाद बन जाए।
  • क्या इको-फ्रेंडली मूर्तियां पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) मूर्तियों जितनी ही सुंदर होती हैं?
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    हां, आजकल कलाकार इको-फ्रेंडली मूर्तियों को भी उतनी ही कलात्मक और आकर्षक बनाते हैं। वे प्राकृतिक रंगों और बारीक कारीगरी का उपयोग करते हैं जिससे वे बहुत सुंदर दिखती हैं।
  • पर्यावरण-हितैषी गणेश चतुर्थी मनाने के क्या फायदे हैं?
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    इससे जल प्रदूषण कम होता है, जलीय जीवों की रक्षा होती है, मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करता है।