विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नाभा जेल ब्रेक : KLF मुखिया की जेल से पाक होती थी बात, ISI के संपर्क में था

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Updated: Tue, 29 Nov 2016 09:40 PM (IST)

नाभाा जेल ब्रेक कांड को लेकर सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। वहां बंद आतंकी हरमिंदर मिंटू लगातार पाकिस्‍तान बात करता था। अन्‍य गैंगस्‍टर भी जेल में माेबाइल फोन का इस्‍तेमाल कर रहे थे।

News Article Hero Image

जेएनएन, चंडीगढ़। नाभा जेल मामले मेंं नए व सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। बताया जाता है कि दिल्ली में पकड़ेे गए खालिस्तान लिब्रेेशन फोर्स (केएलएफ) के प्रमुख हरमिंदर सिंह मिंटू ने कई चौंकनेे वाली जानकारियां दी हैं। सूत्रों के अनुसार, उसने बताया है कि नाभा जेल से वह लगातार पाकिस्तान बातें करता था। इस खुलासे से पंजाब पुलिस और जेल प्रशासन पर बड़ा सवाल उठ गया है। पहलेे भी यह बातें सामने अााती रही हैं कि पंजाब की जेलोंं से कैदी फाेेन का इस्तेमाल कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं। यह भी कहा जा रहा है कि गैंगस्टर जेल से मोबाइल से वीडियो कॉल भी करते थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मिंंटू नेे पूछताछ में बताया है कि वह नाभा जेल से मोबाइल पर पाकिस्तान लगातार बातचीत करता था। वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के भी संपर्क में था। अाइएसअााइ के प्लाान केे मुताबिक ही वह नाभा जेल से भागा था। वह खालिस्तान के लिए एक बार फिर केएलएफ को सक्रिय करना चाहता था। मिंटू अन्य देशों से होते हुए जल्द ही पाकिस्तान जाने की तैयारी में था।

पढ़ेंं : पंजाब जेल ब्रेक : KLF सरगना मिंटू के बाद एक और फरार आतंकी गिरफ्तार

पुुलिस सूत्रों क अनुसार, मिंटू ने बताया है कि वह अभी पाकिस्तान में रह रहे खालिस्तान लिब्रेेशन फोर्स के सदस्य हरमिंदर सिंफ उर्फ हैप्पी से बातें करता था। इस पूरी साजिश में हैप्पी प्रमुख सूत्रधार था। हैप्पी इस समय पाकिस्तान के लाहौर में रह रहा है और आइएसआइ के लगातार संपर्क में है। ऐसे में नाभा जेल के अधिकारी सवालों के घेरे में हैं कि आखिर जेल से यह सारा खेल कैसे चल रहा था और उन्हें इसकी भनक कैैसे नहीं लगी।

पढ़ें : नाभा जेल ब्रेक : मिंटू विदेश भेजने का काम करते-करते बन गया KLF का मुखिया

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिल्ली व मुंबई होकर वह गोवा में बिल्डर का काम कर रहे अपने बड़े भाई के पास जाने की तैयारी में था। भाई से पैसे लेकर वह नेपाल और फिर मलयेशिया के रास्ते जर्मनी जाने की फिराक में था। वह जर्मनी से एक बार फिर केएलएफ को खड़ा करनेे में जुटता। वह केएलएफ को सक्रिय करने के लिए पाकिस्तान भी जाता। हरमिंदर कई बार पाकिस्तान जा चुका है।

पढ़ें : पंजाब जेल ब्रेक : छह आतंकी फरार, एक हमलावर यूपी से गिरफ्तार

पहले भी जेल में फोन के इस्तेमाल की बात आ चुकी है बात

इस सबके बावजूद राज्य सरकार, पुलिस और जेल प्रशासन जानकारी होने के बसवजूद अनजान बने रहे अौर कोई कदम नहीं उठाया। पुलिस प्रशासन और सरकार को पहले से ही पता था कि गैंगस्टर जेल में मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। सोशल मीडिया पर जेल से अपने फोटो और मैसेज अपडेट करते हैं। यहां तक कि गैंगस्टर जेल में ही मोबाइल से वीडियो कॉल तक करते थे। इसके बावजूद सरकार और जेल प्रशासन ने इस पर लगाम लगाने की कोशिश नहीं की।


इस घटना के बाद जेल मंत्री सोहन सिंह ठंडल पर भी सवाल उठने लग गए हैं। करीब डेढ़ महीना पहले जागरण ने गैंगस्टर विक्की गौंडर और गुरप्रीत सेखों द्वारा जेल में मोबाइल फोन से इंटरनेट इस्तेमाल कर वॉट्सएप से वीडियो कॉल करने का खुलासा किया था। दोनों गैंगस्टर जेल से अपने गैंग ऑपरेट कर रहे थे। सोशल मीडिया पर इनके जेल के अंदर से अपडेट आते रहते थे। जेल प्रशासन और सरकार भी इससे अनजान नहीं थी, फिर भी कोई कदम नहीं उठाया गया।

जेल मंत्री ने उस समय नकार दी थी सूचना

जेल में गैंगस्टरों के मोबाइल व इंटरनेट इस्तेमाल करने की सूचना जेल मंत्री सोहन सिंह ठंडल को भी दी गई थी, लेकिन उन्होंने इसे नकार दिया था। उन्होंने दावा किया था कि गैंगस्टरों को जेल में कड़ी निगरानी में रखा जाता है।

गैंगस्टर नवदीप चट्ठा के फोन से मिले से विक्की गौंडर के वॉयस मैसेज

अक्टूबर के पहले हफ्ते में काबू किए गए गैंगस्टर नवदीप चट्ठा के मोबाइल फोन से पुलिस को जेल में बंद गैंगस्टर विक्की गौंडर और गुरप्रीत सेखों के वॉट्सएप ऑडियो व वॉयस क्लिप मिले थे। नवदीप चट्ठा ने माना था कि दोनों जेल से उसे निर्देश देते रहते थे। ये भी खुलासा हुआ था कि वे जल्द ही एक बड़ा कांड करने वाले हैं। अगर जेल प्रशासन व सरकार ने इसे गंभीरता से लिया होता, तो आतंकी व गैंगस्टर जेल से बाहर नहीं होते।