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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नाभा जेल ब्रेक : मिंटू विदेश भेजने का काम करते-करते बन गया KLF का मुखिया

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Updated: Mon, 28 Nov 2016 09:10 AM (IST)

नाभा जेल से फरार केएलएफ का मुखिया हरमिंदर सिंह मिंटू पहले लोगों को विदेश भेजने का काम करता था।इसी क्रम में वह खालिस्‍तानी आतंकियों के संपर्क में आ गया।

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मोगा, [विनय शौरी]। नाभा जेल से फरार हुआ खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स (केएलएफ) का सरगना हरमिंदर सिंह मिंटू पहले लोगों को विदेश भेजने का काम करता था। इसी दौरान वह खालिस्तानी आतंकियों के संपर्क में आ गया और फिर केएलएफ का मुखिया बन गया।

मिंटू जालंधर के गांव धल्ली का रहने वाला है। कई साल तक जालंधर में लोगों को विदेश भेजने का काम कर चुका हरमिंदर वर्ष 2002 के दौरान मलेशिया गया। वहां उसकी मुलाकात केएलएफ चीफ रणजीत सिंह नीटा से हुई। मिंटू ने केएलएफ का नेटवर्क बढ़ाने के लिए नीटा से हाथ मिलाकर कई आतंकी तैयार किए। इससे पहले मिंटू बब्बर खालसा इंटरनेशनल के लिए कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रह चुका था।

10 साल विदेश में रह रहे खालिस्तान समर्थक आतंकियों के संपर्क में रहा हरमिंदर सिंह मिंटू

मिंटू ने आतंकी नीटा के लिए दलबीर सिंह, अमरजीत सिंह मोहाली जैसे कई बड़े आतंकी तैयार किए। उसने खुद आतंकी गतिविधियां आगे बढ़ाने के लिए मलेशिया से थाईलैंड और थाईलैंड से पाकिस्तान में बब्बर खालसा इंटरनेशनल के चीफ बधावा सिंह के माध्यम से आइएसआइ के संपर्क में रहा।

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उसने आतंकी शिविरों में कमांडो ट्रेनिंग हासिल की। इसके बाद उसने आतंकी संगठनों के सामने अपनी बहादुर दिखाने के लिए आरएसएस के राष्ट्रीय सिख संगठन प्रधान रूलदा सिंह की हत्या का जिम्मा लिया। मलेशिया में बैठकर उसने पटियाला में रूलदा सिंह की हत्या की साजिश को अंजाम दिया। हत्या के बाद से पुलिस को मिंटू के बारे में कई जानकारियां हासिल हो चुकी थीं।

पुलिस से बचने के लिए मिंटू मलेशिया से इटली चला गया। यहां उसकी मुलाकात इंग्लैंड में रहने वाले केएलएफ के लिए काम कर चुके आतंकी अंग्रेज सिंह से हुई। इसके बाद जैसे ही मिंटू थाईलैंड से भारत पहुंचा तो दिल्ली एयरपोर्ट पर उसे सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया। नवंबर 2015 से नाभा की अतिरिक्त सुरक्षा वाली जेल में बंद ङ्क्षमटू चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में बंद बब्बर खालसा के आतंकी जगतार सिंह हवारा के संपर्क में भी आ चुका था।

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जमानत पर चल रहे बख्शीश सिंह ने बढ़ाईं पुलिस की मुश्किलें

एक आला अधिकारी का कहना है कि जेल ब्रेक में आतंकी अंग्रेज सिंह का हाथ हो सकता है। नाभा के गैस प्लांट के पास बम स्थापित करने वाला खालिस्तान कमांडो फोर्स का आतंकी बख्शीश सिंह बाबा बीते दिनों जमानत पर जेल से बाहर आ चुका है। उसका भूमिगत होना भी पुलिस की परेशानी बढ़ा रहा है।

सभी आतंकी संगठन हो चुके हैं एकजुट : डीजीपी

डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने फोन पर बातचीत में कहा कि सभी पुराने खालिस्तान समर्थक आतंकी अब एक-दूसरे से हाथ मिला चुके हैं। बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान कमांडो फोर्स, खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स आदि सभी संगठनों के आतंकी विदेशों में छिपे हैं। ये आतंकी संगठन चुनाव में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने का प्रयास कर सकते हैं