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जालंधर के बिजली संकट पर भाजपा भड़की, उद्योगों के लिए 24 घंटे आपूर्ति की मांग; DC कार्यालय पहुंच सौंपा ज्ञापन

Published: Sat, 05 Sep 2026 03:16 PM (IST)

जालंधर में बिजली संकट को लेकर भाजपा ने पंजाब सरकार पर हमला बोला। पार्टी नेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन ...और पढ़ें

डीसी कार्यालय एसडीएम-1 शुभी आंगरा में ज्ञापन सौंपते हुए भाजपा कार्यकर्ता।

डीसी कार्यालय एसडीएम-1 शुभी आंगरा में ज्ञापन सौंपते हुए भाजपा कार्यकर्ता।

HighLights

  1. भाजपा ने जालंधर बिजली संकट पर पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला।

  2. उद्योगों के लिए 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की गई।

  3. बिजली कटौती से उत्पादन और रोजगार पर पड़ रहा असर।

जागरण संवाददाता, जालंधर। जालंधर की औद्योगिक इकाइयों और शहरवासियों पर बिजली संकट के बढ़ते असर को लेकर भाजपा ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा शहरी प्रधान अशोक सरीन हिक्की की अध्यक्षता में पार्टी नेताओं ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र एसडीएम-1 शुभी आंगरा को सौंपा। इसमें उद्योगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध करवाने सहित बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की गई।

इस दौरान पूर्व विधायक केडी भंडारी, पूर्व विधायक शीतल अंगुराल, पूर्व जिला प्रधान सुशील शर्मा, भाजपा नेता दिनेश ढल्ल, प्रदेश सचिव अमरजीत सिंह अमरी, महामंत्री राजेश कपूर और उद्योग प्रकोष्ठ के जिला संयोजक हैप्पी दीवान मौजूद रहे।

भाजपा नेताओं ने कहा कि बिजली की कमी और अनियमित आपूर्ति के कारण जालंधर की औद्योगिक इकाइयों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इससे उत्पादन लागत बढ़ने के साथ उद्योगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खासकर खेल सामान, हाथ के औजार, इंजीनियरिंग और अन्य लघु एवं मध्यम उद्योगों पर बिजली संकट का सीधा असर पड़ रहा है।

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उद्याेगों के लिए बिजली उपलब्ध करवाने की मांग

भाजपा ने मुख्यमंत्री से मांग की कि राष्ट्रीय ऊर्जा विनिमय और केंद्रीय पूल से जरूरत के अनुसार पर्याप्त बिजली खरीदी जाए, ताकि जालंधर के उद्योगों को 24 घंटे निर्बाध बिजली मिल सके। इसके अलावा बिना पूर्व सूचना बिजली कटौती रोकने, औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली ढांचे को मजबूत करने और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की गई।

अशोक सरीन हिक्की ने कहा कि बिजली संकट को केवल उद्योगों तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। व्यापारी, उद्यमी, छोटे कारोबारी और आम उपभोक्ता भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से सभी वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समयबद्ध कार्ययोजना बनाने की मांग की।

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रोजगार पर पड़ेगा असर

केडी भंडारी ने कहा कि जालंधर की औद्योगिक इकाइयां हजारों लोगों को रोजगार देती हैं। बिजली की अनिश्चितता से उत्पादन के साथ रोजगार पर भी असर पड़ सकता है।

शीतल अंगुराल ने कहा कि लगातार बिजली संकट के कारण उद्योगों की लागत बढ़ रही है। सरकार को ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने देनी चाहिए, जिससे उद्योग दूसरे राज्यों का रुख करने को मजबूर हों।

भाजपा नेताओं ने कहा कि जालंधर की औद्योगिक इकाइयां चलेंगी तो रोजगार बढ़ेगा और पंजाब की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इसलिए बिजली संकट का समाधान सरकार की प्राथमिकता होना चाहिए।

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