अध्यापक दिवस पर CM मान का संदेश- सफलता के बाद शिक्षक को न भूलें; 50 शिक्षकों को मिला राज्यस्तरीय सम्मान
मोहाली में अध्यापक दिवस समारोह में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 50 अध्यापकों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सफलता के बाद शिक्षक, मेंटर और कोच को कभी नहीं भूलना चाहिए।

कार्यक्रम में मौजूद सीएम भगवंत मान, शिक्षामंत्री हरजाेत बैंस व अन्य।
HighLights
मोहाली में अध्यापक दिवस पर राज्यस्तरीय समारोह आयोजित।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 50 उत्कृष्ट शिक्षकों को किया सम्मानित।
शिक्षा में गुरुओं के महत्व पर मुख्यमंत्री ने दिया जोर।
जागरण संवाददाता, मोहाली। पंजाब सरकार की ओर से अध्यापक दिवस के अवसर पर मोहाली स्थित विकास भवन में राज्यस्तरीय समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचकर प्रदेश के 50 अध्यापकों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राज्यस्तरीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह, IAS सोनाली गिरी सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि समय के साथ शिक्षा के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। कंप्यूटर और तकनीक ने पढ़ाई के तौर-तरीकों को काफी बदल दिया है, लेकिन विद्यार्थियों को सही दिशा देने में अध्यापक की भूमिका आज भी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के पास सीखने के लिए आज कई माध्यम उपलब्ध हैं, लेकिन सही और गलत के बीच अंतर समझाने तथा जीवन में आगे बढ़ने की दिशा देने वाला शिक्षक ही होता है।
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जिंदगी की परीक्षा बिना नकल के ही संभव
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को मेहनत और ईमानदारी से पढ़ाई करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नकल के सहारे एक-दो परीक्षाएं पास की जा सकती हैं, लेकिन जिंदगी की परीक्षा अपने दम पर ही पास करनी पड़ती है। पढ़ाई में कोई शार्टकट नहीं होता। उन्होंने कहा कि मेहनत और सही मार्गदर्शन ही सफलता का आधार है।
अपने शिक्षकों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने सामाजिक शिक्षा के शिक्षक रमेश्वर दास और हिंदी शिक्षक नैनू राम सहित अन्य शिक्षकों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों ने उनके जीवन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज भी जब वह अपने पुराने शिक्षकों से मिलते हैं तो उनके पैर छूते हैं।
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शिक्षकों को कभी नहीं भूलना चाहिए
भगवंत मान ने कहा कि सफल व्यक्ति अपने शिक्षक, मेंटर और कोच को कभी नहीं भूलता। उन्होंने पेड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि जब किसी व्यक्ति के हाथों लगाया पेड़ बड़ा होकर फल, फूल और छाया देने लगता है तो सबसे ज्यादा खुशी उसे लगाने वाले को होती है। इसी तरह किसी अध्यापक के लिए उसके पढ़ाए विद्यार्थी की सफलता सबसे बड़ी खुशी और गर्व का विषय होती है।
समारोह में पंजाब के 50 अध्यापकों को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राज्यस्तरीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित अध्यापकों को बधाई देते हुए कहा कि वे विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने और समाज को बेहतर दिशा देने में अहम योगदान दे रहे हैं।
