सरहिंद में एक सड़क पर तीन दावेदार, चुनाव में ‘क्रेडिट वार’; निकाय चुनावों के बीच गरमाया सरहिंद का माहौल
सरहिंद में अधूरी सड़क को लेकर आप और कांग्रेस के बीच श्रेय लेने की राजनीति तेज हो गई है। अब एक वकील ने अदालत में दायर याचिका के आधार पर सड़क निर्माण शु ...और पढ़ें

तीनों पक्ष अपनी-अपनी बात रखते हुए।
HighLights
सरहिंद की जर्जर सड़क बनी चुनावी मुद्दा।
विधायक, पूर्व विधायक, वकील ले रहे श्रेय।
निकाय चुनावों में 'क्रेडिट वार' तेज हुई।
नवनीत छिब्बर, फतेहगढ़ साहिब। निकाय चुनावों के बीच मौसम के साथ-साथ सियासी पारा भी लगातार चढ़ रहा है। प्रचार के बीच जुबानी जंग और आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला चर्म पर है। चुनाव प्रचार के बीच सरहिंद की एक अधूरी सड़क सियासी मुद्दा बन गई है। इस सड़क पर विधायक लखबीर सिंह राय और पूर्व विधायक कुलजीत सिंह नागरा के बीच "क्रेडिट वार' शुरू हो गई है।
इसी बीच तीसरे पक्ष ने एंट्री मारी। एडवोकेट अनिल गुप्ता का दावा है कि सड़क का काम उनकी याचिका के बाद शुरू हुआ। अब ‘एक सड़क, तीन दावेदार’ की चर्चा हर गली में है। सरहिंद शहर (ओल्ड सिटी) में सदना कसाई की मस्जिद से भगवान वाल्मीकि चौक तक सड़क जर्जर थी।
7 जनवरी 2026 को विधायक लखबीर सिंह राय ने इसके नवीनीकरण का नींव पत्थर रखा। काम अब तक अधूरा है। निकाय चुनाव आते ही यह सड़क सियासी अखाड़ा बन गई। पूर्व विधायक कुलजीत सिंह नागरा ने कहा कि यह सड़क कांग्रेस के तीन पार्षदों के वार्ड में है। पिछली कौंसिल में कांग्रेस का बहुमत था।
यह भी पढ़ें- चंडीगढ़ में 25 मई से खेल महोत्सव; उभरते खिलाड़ियों के लिए सुनहरा मौका, 11 इवेंट्स में दिखा सकेंगे दम
एक ने पास, दूसरे ने दिखाया रद्द
सड़क का प्रस्ताव कौंसिल हाउस में कांग्रेस पार्षदों ने पास कराया, पर नींव पत्थर पर ईओ का नाम लिखा गया। कौंसिल प्रधान अशोक सूद और कांग्रेसी पार्षदों का नाम नहीं दिया। नागरा बोले, आप विधायक कांग्रेस के काम का क्रेडिट ले रहे हैं।
खबरें और भी
विधायक लखबीर सिंह राय ने दस्तावेज दिखाए। उनका दावा है कि कौंसिल ने हाउस की बैठक में यह प्रस्ताव रद्द कर दिया था। विधायक रद्द प्रस्ताव की कॉपी भी पेश कर रहे हैं। राय बोले, मेरे प्रयास से ही खस्ताहाल सड़क का काम शुरू हुआ।
यह भी पढ़ें- पंजाब: तरनतारन में मानसिक रूप से परेशान युवक ने बहन को कस्सी से मारकर उतारा मौत के घाट, पत्नी और मां को भी किया घायल
एडवोकेट ने याचिका दायर करने की कही बात
आप और कांग्रेस के इस "क्रेडिट वार' में एडवोकेट अनिल गुप्ता की एंट्री हुई। एडवोकेट गुप्ता का कहना है कि तीन साल पहले उन्होंने स्थायी लोक अदालत में सदना कसाई की मस्जिद से लेकर सरहिंद मंडी में बीडीपीओ दफ्तर तक खस्ताहाल सड़क को लेकर याचिका दायर की थी। सदना कसाई की मस्जिद से भगवान वाल्मिकी चौक तक का रास्ता इसी का हिस्सा है। अदालत ने अफसरों को तलब किया।
दबाव में अफसरों ने प्रोजेक्ट बनाया। अदालत के आदेश पर ही काम शुरू हुआ। अभी आदेशों की एक्जिक्यूशन पेंडिंग है। सड़क का काम अधूरा है, पर "क्रेडिट वार' तेज है। इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट वार चल रहा है। मतदाता पूछ रहे हैं कि सड़क किसने बनवाई, यह बाद में तय होगा, पहले गड्ढे तो भरवाओ। चुनाव में अब देखना है कि इस ‘क्रेडिट वार’ का फायदा किसे मिलता है।