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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab Politics: पंजाब में गरमाई राजनीति, मान के हथियार से ही शिअद AAP पर करना चाह रही वार, सारी कोशिशें बेअसर हो रही साबित

Updated: Mon, 22 Jan 2024 06:47 PM (IST)

Punjab Politics SAD भगवंत मान को घेरने के लिए उसी हथियार का उपयोग करना चाहता है जिसका उपयोग कांग्रेस व आप ने बेअदबी मामले को लेकर सुखबीर बादल को घेरने ...और पढ़ें

मान के हथियार से ही शिअद AAP पर करना चाह रही वार (फाइल फोटो)
मान के हथियार से ही शिअद AAP पर करना चाह रही वार (फाइल फोटो)

इन्द्रप्रीत सिंह, चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (SAD) मुख्यमंत्री भगवंत मान को घेरने के लिए उसी 'हथियार' का उपयोग करना चाहता है, जिसका उपयोग कांग्रेस व आप ने बेअदबी मामले को लेकर सुखबीर बादल को घेरने के लिए किया था।

सुल्तानपुर लोधी के गुरुद्वारा साहिब में नवंबर महीने में पुलिस और निहंग संगठनों के बीच हुए क्लैश के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से बनाई गई सब कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पुलिस ने बिना भड़काहट के यह कार्रवाई और गुरुद्वारा साहिब में गोलियां चलाई गईं।

भगवंत मान को पुलिस की इस कार्रवाई के लिए दोषी ठहराया गया

पुलिस जूते लेकर गुरुद्वारा परिसर में घुसी। रिपोर्ट में गृह मंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री भगवंत मान को पुलिस की इस कार्रवाई के लिए दोषी ठहराया गया है जिस पर बीते दिन श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने भी मुहर लगा दी है। यह लगभग वैसा ही हथियार है जैसा कि आम आदमी पार्टी की ओर से भगवंत मान ने और कांग्रेस की ओर से कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित अन्य दिग्गज नेताओं ने सुखबीर बादल के खिलाफ प्रयोग किया था।

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शिअद और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर फूटा गुस्‍सा

दोनों पार्टियों के प्रमुखों ने 2015 में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी , इसका विरोध कर रही सिख संगत पर कोटकपूरा व बहिबल कलां में गोली चलाने को लेकर सुखबीर बादल की कारगुजारी पर अंगुली उठाई। कहा गया कि गृह विभाग उनके पास है ऐसे में उन्हें इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। विपक्षी पार्टियों की ओर से तब बनाए गए दबाव के चलते लोगों को गुस्सा शिअद और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर फूटा।

नवंबर, 2023 की उठाई घटना

2017 के चुनाव में दोनों पार्टियां विपक्षी पार्टियां कहलाने लायक सीटें भी नहीं ले जा सकीं। लोगों के शिरोमणि अकाली दल के प्रति गुस्से का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पार्टी उसके बाद तीन चुनाव जीत चुकी है और हर बार नीचे ही नीचे की ओर जा रही है।

अब नवंबर, 2023 में सुल्तानपुर लोधी स्थित गुरुद्वारा अकाल बुंगा साहिब पर कब्जे को लेकर दो गुटों में झड़प के दौरान पहुंची पुलिस और निहंगों के बीच फायरिंग होने की घटना को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने जो रिपोर्ट बनाई उसमें पुलिस की कार्रवाई के लिए गृह मंत्री को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

होमगार्ड जवान की हो गई थी मौत

इस घटना में एक होमगार्ड जवान की मौत हो गई थी। पिछले दिनों जब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी चंडीगढ़ आए हुए थे तो उन्होंने सुल्तानपुर लोधी के मुद्दे पर कहा था कि अक्सर गुरुद्वारों में दो पक्षों के बीच में ऐसा विवाद हो जाता है और एसजीपीसी ऐसे मामले संभालती रही है,लेकिन पुलिस ने दखल देकर माहौल खराब कर दिया था।

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बेशक शिअद मुख्यमंत्री को धार्मिक बेअदबी के मामले में उलझाने के लिए उन्हीं का हथियार इस्तेमाल कर रही हो लेकिन अभी तक उन्हें सफलता नहीं मिली है। अभी तक लोगों के बीच में मुख्यमंत्री भगवंत मान की कारगुजारी को लेकर लोग उनके खिलाफ नहीं हैं। संभव है कि ऐसा आम आदमी पार्टी की ओर से धर्म की राजनीति न करना हो सकता है।