बठिंडा में सफाई व सीवरेज कर्मियों की हड़ताल, निगम दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन, मांगें पूरी न होने पर चेतावनी
बठिंडा में सफाई और सीवरेज कर्मियों ने लंबित मांगों को लेकर काम छोड़ हड़ताल शुरू की। निगम दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर इनसोर्स, बकाया भुगतान और नियमित वेत ...और पढ़ें

नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रोटेस्ट करते हुए कर्मचारी।
HighLights
बठिंडा में सफाई और सीवरेज कर्मियों की हड़ताल शुरू।
597 आउटसोर्स कर्मियों को इनसोर्स करने की मुख्य मांग।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया भुगतान और समय पर वेतन की मांग।
जागरण संवाददाता, बठिंडा। बठिंडा में नगर निगम के सफाई कर्मचारी और सीवरेज कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार से संयुक्त रूप से काम छोड़ हड़ताल शुरू कर दी। दोनों यूनियनों के सैकड़ों कर्मचारी निगम दफ्तर के बाहर एकत्रित हुए और रोष धरना देते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सफाई सेवक यूनियन के प्रधान विनोद कुमार (माली) और सीवरेज वर्कर यूनियन के प्रधान रवि लाल ने बताया कि उनकी सबसे प्रमुख मांग 597 आउटसोर्स सफाई कर्मियों और सीवरमैनों को इनसोर्स करना है।
उनका कहना है कि यह मुद्दा लंबे समय से लंबित पड़ा हुआ है, लेकिन नगर निगम प्रशासन इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।
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सेवानिवृत कर्मचारियों को 6 महीने तक नहीं हुआ भुगतान
धरने के दौरान यूनियन नेताओं ने कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया लाभ और अन्य देनदारियां महीनों से लंबित हैं। कई मामलों में छह महीने तक भुगतान नहीं किया गया, जिससे संबंधित परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने मांग की कि सभी बकाया राशि तुरंत जारी की जाए।
इसके अलावा सहानुभूति आधार पर लंबित नौकरियों को जल्द देने की मांग भी जोरशोर से उठाई गई। यूनियन का कहना है कि कई परिवार वर्षों से इस उम्मीद में बैठे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है।
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समय पर वेतन देने की रखी मांग
कर्मचारियों ने वेतन से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया और कहा कि अस्थायी कर्मचारियों को हर महीने की पांच तारीख तक समय पर वेतन मिलना सुनिश्चित किया जाए। कर्मचारियों ने यह भी मांग की कि काम के दौरान आवश्यक सुविधाएं जैसे तेल और साबुन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे सुरक्षित तरीके से अपना कार्य कर सकें।
सार्वजनिक शौचालयों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए साप्ताहिक अवकाश और समय पर वेतन सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी। वहीं, इस हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।