ब्रिटिश क्रूरता का काला पन्ना! अमृतसर के अजनाला के 282 अमर शहीदों को राष्ट्रीय सम्मान व न्याय देने की उठी मांग
इतिहासकार सुरिंदर कोछड़ ने 1857 के अजनाला हत्याकांड के 282 भारतीय सैनिकों के अवशेषों के सम्मानजनक विसर्जन और ऐतिहासिक वस्तुओं के लिए संग्रहालय की मांग ...और पढ़ें

कालियां वाला खूंह से निकले सिक्के व शहीदों के सिर।
HighLights
1857 के अजनाला हत्याकांड के 282 सैनिकों का बलिदान।
इतिहासकार सुरिंदर कोछड़ ने सम्मान की मांग की।
शहीदों के अवशेषों का विसर्जन, संग्रहालय स्थापित हो।
नितिन धीमान, अमृतसर। अमृतसर जिले के अजनाला की धरती आज भी देश के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे दर्दनाक अध्यायों में से एक की गवाह मानी जाती है। एक अगस्त 1857 को हुए अजनाला हत्याकांड में बंगाल नेटिव इन्फैंट्री की 26वीं रेजिमेंट के 282 भारतीय सैनिकों को तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर फ्रेडरिक एच. कूपर के आदेश पर एक सूखे कुएं में दफना दिया गया था।
इस घटना की 169वीं बरसी पर इतिहासकार एवं शोधकर्ता सुरिंदर कोछड़ ने इन वीर सैनिकों की शेष अस्थियों का पूरे सम्मान के साथ विसर्जन कराने और उनसे जुड़े ऐतिहासिक अवशेषों के संरक्षण के लिए विशेष संग्रहालय स्थापित करने की मांग उठाई है।
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जानकारी देते हुए इतिहासकार सुरिंदर कोछड़।