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    बंगाल चुनाव 2026: 'हमारी लजीज डिशेज का स्वाद लेना ना भूलें', अमित शाह पर टीएमसी का तंज

    Updated: Fri, 03 Apr 2026 09:47 AM (IST)

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मांसाहारी भोजन को लेकर राजनीतिक गरमागरमी बढ़ गई है। गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के बीच टीएमसी ने उन्हें बंगाली ...और पढ़ें

    HighLights

    1. अमित शाह के बंगाल दौरे पर टीएमसी ने दी व्यंजन सलाह

    2. ममता बनर्जी ने भाजपा पर मांस-मछली प्रतिबंध का आरोप लगाया

    3. भाजपा ने कहा, केवल गोमांस की खुली बिक्री का विरोध

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल 2026 को मतदान होना है। विधानसभा चुनाव ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। गुरुवार को गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं बंगाल में 15 दिन तक रहने वाला हूं। इस बीच टीएमसी ने उनसे बंगाल के मांसाहारी व्यंजनों के स्वाद चखने की सलाह दी है।

    दरअसल, टीएमसी ने एक्स पर किए पोस्ट में लिखा, "अमित शाह ने बंगाल में 15 दिन बिताने का फैसला किया है। बहुत अच्छा। बंगाल पर्यटकों का खुले दिल से स्वागत करता है। आप जितने दिन चाहें रुक सकते हैं। आप जब तक चाहें, यहां रुक सकते हैं।

    और हमारी कुछ बेहतरीन लजीज डिशेज का स्वाद लेना न भूलें।- मुड़ी घोंटो, पाबदा माछेर झाल, इलिश भापा, चिंगरी मलाई करी, भेटकी पतुरी, कोशा मंगशो। आपका प्रवास सुखद रहे!"

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    इस मामले को लेकर विवाद तब शूरू हुआ, जब टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा समर्थित उस कदम की आलोचना की, जिसे उन्होंने मांसाहारी खान-पान के खिलाफ उठाया गया कदम बताया।

    ममता बनर्जी ने लगाया था यह आरोप

    एक रैली को संबोधित करते हुए बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था "मुझे बिहार के उपमुख्यमंत्री के इस बयान के बारे में एक खबर मिली है कि मछली और मांस खुले बाजार में नहीं बेचे जा सकते। यह जनविरोधी और निंदनीय है। क्या हर कोई शॉपिंग मॉल में मांस और मछली बेच सकता है? सड़क पर मछली और मांस बेचने वाले अधिकांश विक्रेताओं का क्या होगा? उनकी आजीविका का क्या होगा? ऐसी राजनीति बेहद निंदनीय है।"

    ममता बनर्जी ने आरोप लगाया, "अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो वे बंगाल में मांस और मछली पर प्रतिबंध लगा देंगे। मैंने बिहार के उपमुख्यमंत्री को यह कहते सुना कि खुले बाजारों में मछली और मांस नहीं बेचा जा सकता। केवल लाइसेंस धारक ही अंदर मांस बेच सकते हैं। तो क्या हर कोई शॉपिंग मॉल में मांस और मछली बेचेगा? आर्थिक रूप से सक्षम तो कुछ ही लोग हैं। यहां ज्यादातर मछली विक्रेता सड़कों पर ताजी मछली बेचते हैं। इसी से उनकी रोजी-रोटी चलती है। मैं इस राजनीति की निंदा करती हूं।"

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    बंगाल के लोग जो चाहें खाएंगे

    इसी बीच, पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने जोर देकर कहा कि बंगाल के लोग अपनी पसंद का भोजन करने के लिए स्वतंत्र हैं और स्पष्ट किया कि पार्टी केवल गोमांस की खुली बिक्री का विरोध करती है। आरोपों का जवाब देते हुए भट्टाचार्य ने कहा, "बंगाल के लोग जो चाहें खाएंगे। बंगाल में मछली और मांस मिलेगा।"

    सामिक भट्टाचार्य ने पड़ोसी राज्य में खुले में मछली और मांस की बिक्री पर प्रस्तावित प्रतिबंध के टीएमसी के दावों को खारिज कर दिया।

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