'रील्स और डांस करती तो शायद पद्म श्री मिल जाता', ज्वाला गुट्टा के बयान ने मचाई सनसनी; उठाए कई सवाल
भारत की पूर्व डबल्स स्टार ज्वाला गुट्टा ने पद्म श्री न मिलने पर निराशा व्यक्त की है। उनका मानना है ...और पढ़ें
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ज्वारा गुट्टा के बयान ने मचाई सनसनी
HighLights
ज्वाला गुट्टा ने पद्म श्री न मिलने पर निराशा जताई
कहा पीआर और सार्वजनिक छवि खेल पर भारी
'रील्स बनाती तो शायद मिल जाता पद्म श्री'
नई दिल्ली, आईएएनएस: भारत की पूर्व डबल्स स्टार ज्वाला गुट्टा ने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि भारतीय बैडमिंटन में उनके अहम योगदान के बावजूद उन्हें पद्म श्री नहीं मिला।
गुट्टा के मुताबिक, सार्वजनिक छवि और पीआर (पब्लिक रिलेशन) अक्सर खेल की काबिलियत पर भारी पड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि हम ऐसी पीढ़ी से आते हैं जहां हमारा मानना था कि अगर आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे तो बाकी सब अपने आप ठीक हो जाएगा।
मेरा ध्यान बैडमिंटन खेलने पर था
गुट्टा ने कहा कि उनका ध्यान हमेशा से अच्छा खेल दिखाने पर थे और इसके अलावा बाका चीजों पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा, " मेरा फर्ज सिर्फ अच्छा बैडमिंटन खेलना था। मुझे नहीं पता था कि पीआर इतना जरूरी होता है। अगर मुझे पता होता तो मैं गानों पर नाचती और रील्स बनाती।"
मुझे पद्म श्री क्यों नहीं मिला?
उन्होंने कहा कि मुझे पद्म श्री नहीं मिला। अगर मैं आपको अपनी उपलब्धियों की लिस्ट भेजूं तो आप हैरान रह जाएंगे कि मुझे पद्म श्री क्यों नहीं मिला? क्योंकि मैंने पीआर नहीं किया, मैंने गरीबी और संघर्ष के बारे में रोना नहीं रोया, जबकि मैंने यह सब झेला है। मैंने कड़ी मेहनत की, मैंने 10 घंटे ट्रेनिंग की, लेकिन कोई इस पर यकीन नहीं करता, क्योंकि मैं जैसी दिखती हूं, उसकी वजह से लोग ऐसा नहीं मानते।
अपनी पीढ़ी की सोच पर बात करते हुए गुट्टा ने आगे कहा कि उनके जमाने के एथलीटों का मानना था कि सिर्फ अच्छा प्रदर्शन करने से ही पहचान मिलेगी।
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