Puri Stampede: पुरी रथ यात्रा के दौरान भगदड़ मचने से 2 श्रद्धालुओं की मौत, 150 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती
पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के दौरान भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। इस हादसे में 2 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 150 से अधिक घायल ...और पढ़ें
HighLights
पुरी रथयात्रा में भारी भीड़ के कारण भगदड़।
हादसे में 2 श्रद्धालुओं की मौत, 150 से अधिक घायल।
बारिश के बावजूद भक्तों का उत्साह बरकरार रहा।
संवाद सहयोगी, पुरी। श्रीक्षेत्र पुरी का बड़ा दांडा (ग्रैंड रोड) आज भक्ति के महासागर में तब्दील हो गया। भगवान श्रीजगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा में लाखों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। बारिश के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन तथा रथ खींचने के लिए उमड़ पड़े।

आषाढ़ शुक्ल द्वितीया तिथि पर रथयात्रा की परंपरागत नीतियां सुबह से शुरू हुईं। भगवान जगन्नाथ की मंगल आरती, मैलम, अवकाश पूजा, सूर्य पूजा, द्वारपाल पूजा, गोपाल बल्लभ के बाद सकाल धूप में खिचड़ी भोग लगाया गया। इसके बाद मंगलार्पण, रथ प्रतिष्ठा, डोर लागी और पुष्पांजलि की विधियां पूरी की गईं।
इसके बाद श्री चतुर्धा विग्रहों की पहंडी यात्रा निकाली गई। सबसे पहले मदन मोहन, फिर श्रीरामकृष्ण और चक्रराज सुदर्शन रथ पर विराजमान हुए। इसके बाद बड़े ठाकुर भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और अंत में भगवान जगन्नाथ रथ पर आरूढ़ हुए।
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने तीनों रथों की परिक्रमा की। इसके बाद भगवान के प्रथम सेवक गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव ने तीनों रथों पर छेरा पहंरा की परंपरा निभाई। पहंडी नीति में देरी के कारण रथ खींचने का कार्यक्रम करीब दो घंटे विलंब से शुरू हुआ।
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पूरे दिन पुरी में कम दबाव के कारण बारिश होती रही, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। लाखों भक्त बारिश में भीगते हुए रथयात्रा में शामिल हुए।

हालांकि, इस बार रथयात्रा में एक बड़ा हादसा भी सामने आया। मरीचिकोट छक और सिंहद्वार के पास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
इस घटना में 150 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए, जिनका इलाज पुरी जिला मुख्य चिकित्सालय में चल रहा है। हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत की सूचना है।

जिला प्रशासन ने रथयात्रा के लिए 13 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी। इसके अलावा 400 से अधिक पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
पुलिस महानिदेशक, अतिरिक्त महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। रथयात्रा से पहले सुरक्षा को लेकर कई दौर की बैठकें हुई थीं, इसके बावजूद भीड़ प्रबंधन में बड़ी चूक सामने आई।

श्रीमंदिर प्रशासन के अनुसार, मार्केट छक के पास भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के रथ कुछ ही दूरी तक आगे बढ़ पाए।
रथयात्रा के अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, राज्यपाल हरिबाबू कंभमपति, कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन सहित राज्य सरकार के कई मंत्री और विधायक मौजूद रहे।
रथयात्रा की व्यवस्था की जिम्मेदारी श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक डॉ. अरविंद पाढ़ी, पुरी जिलाधिकारी दिव्यज्योति परिड़ा और पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह संभाल रहे थे।
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