ओडिशा के जाजपुर में 32 साल बाद दबोचा गया हत्याकांड का फरार आरोपी, घर के नीचे बना रखा था गुप्त बंकर
ओडिशा के जाजपुर में पुलिस ने 32 साल से फरार चल रहे हत्या के आरोपी रबिंद्र मलिक को गिरफ्तार किया। वह अपने घर के अंदर बने एक गुप्त भूमिगत बंकर में छिपा ...और पढ़ें

32 साल बाद दबोचा गया हत्याकांड का फरार आरोपी

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जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा के जाजपुर जिले में पुलिस ने 32 साल से फरार चल रहे हत्या के आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अपने ही घर के अंदर बने एक गुप्त भूमिगत कक्ष में छिपकर रह रहा था। पुलिस ने शुक्रवार रात छापेमारी कर उसे दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 58 वर्षीय रबिंद्र मलिक के रूप में हुई है, जो कुआखिया थाना क्षेत्र के नुआहाट गांव का रहने वाला है। उस पर वर्ष 1994 में अपने चचेरे भाई परमानंद मलिक की कुल्हाड़ी से हत्या करने का आरोप है। घटना 21 अक्टूबर 1994 की बताई जा रही है। उस समय आरोपी की उम्र 26 वर्ष थी।
हत्या के बाद से ही रबिंद्र मलिक फरार चल रहा था। स्थानीय अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था, लेकिन वह लगातार ठिकाने और पहचान बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा। पुलिस के मुताबिक, उसने फर्जी पहचान के जरिए आधार कार्ड और वोटर आईडी भी बनवा लिए थे और खुद को आदमपुर गांव का निवासी बताकर रह रहा था।
जानकारी के अनुसार, फरारी के दौरान वह हैदराबाद, केरल समेत कई राज्यों में राजमिस्त्री का काम करता था। इस बीच वह परिवार के संपर्क में भी बना रहा।
कुआखिया थाना के आईआईसी सुशांत कुमार सेठी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने गांव लौटा है।
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इसके बाद पुलिस ने उसके घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान घर के अंदर बने एक गुप्त भूमिगत बंकर से उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने यह गुप्त चैंबर तैयार किया था।
फरारी के दौरान रबिंद्र मलिक ने वर्ष 1998 में मंजुलता नाम की महिला से शादी भी की थी। शनिवार को उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।