फिर सक्रिय होगा मानसून! 13 सितंबर के आसपास बन सकता है नया लो प्रेशर, पूर्वी भारत में भारी बारिश के आसार
ओडिशा में बारिश से राहत के बावजूद, मौसम विभाग ने 12-13 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में नए निम्न ...और पढ़ें

एआई जनरेटेड फोटो
HighLights
12-13 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव।
ओडिशा सहित पूर्वी भारत में भारी बारिश की संभावना।
जलाशयों में कम जलस्तर से बिजली उत्पादन प्रभावित।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में फिलहाल बारिश से कुछ राहत मिली हुई है, लेकिन मौसम विभाग ने सितंबर के दूसरे सप्ताह में फिर से भारी वर्षा की संभावना जताई है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के Weather Forecast के अनुसार 12-13 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बन सकता है, जो आगे चलकर अवदाब या गहरे अवदाब का रूप ले सकता है। इसके प्रभाव से ओडिशा समेत पूर्वी भारत के कई हिस्सों में फिर से तेज बारिश होने के आसार हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
हालांकि 9 सितंबर के आसपास सुंदरगढ़, केंदुझर और मयूरभंज जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद बंगाल की खाड़ी में बनने वाली मौसमी प्रणाली बारिश की गतिविधियों को बढ़ा सकती है।
इस वर्ष ओडिशा में मानसून मेहरबान रहा है। 1 जून से अब तक राज्य में सामान्य से 25 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। दो जिलों में अत्यधिक तथा 17 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।
बावजूद इसके कई बड़े जलाशयों में अभी भी पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाया है। बलांगीर के लोअर सुकतेल जलाशय में केवल 37 प्रतिशत, बालिमेला में 35 प्रतिशत, अपर कोलाब में 49 प्रतिशत और कानपुर जलाशय में मात्र 16 प्रतिशत जल भंडारण हुआ है।
जलाशयों में कम जलस्तर का असर बिजली उत्पादन पर भी दिखाई दे रहा है। 555 मेगावाट क्षमता वाले बालिमेला जलविद्युत परियोजना से फिलहाल बिजली उत्पादन नहीं हो रहा है। वहीं अपर कोलाब और माछकुंड परियोजनाओं में भी क्षमता से काफी कम उत्पादन हो रहा है।
एसओए के पर्यावरण एवं जलवायु केंद्र के निदेशक डॉ. शरत चंद्र साहू ने कहा कि 13 सितंबर के आसपास बनने वाली मौसमी प्रणाली के गहरे अवदाब में बदलने की संभावना है। हालांकि इसके मार्ग और प्रभाव को लेकर अभी स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
