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ओडिशा में बाढ़ का कहर: 4 जिलों में बिगड़े हालात, उफान पर नदियां

Updated: Sat, 15 Aug 2026 10:59 AM (IST)

ओडिशा में लगातार बारिश से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है, जिससे केंदुझर, मयूरभंज और बालेश्वर सहित चार जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई नदियां खतरे ...और पढ़ें

ऊफान पर नदियां। फोटो जागरण

ऊफान पर नदियां। फोटो जागरण

HighLights

  1. लगातार बारिश से ओडिशा के चार जिलों में बाढ़ गंभीर।

  2. बैतरणी, बुधाबलंग, जलका नदियां खतरे के निशान से ऊपर।

  3. प्रशासन ने निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाला।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में लगातार दो दिनों से हो रही मूसलधार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। केंदुझर, मयूरभंज, बालेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में कई नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी घुस गया है और जनजीवन प्रभावित हुआ है।

राज्य के 45 पंचायत क्षेत्रों में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी कर राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है।

केंदुझर जिले में बैतरणी नदी आनंदपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं, आनंदपुर रिंग बांध के क्षतिग्रस्त हिस्से से दोबारा बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। बांध की मरम्मत का कार्य अभी पूरा नहीं होने से आसपास के गांवों में चिंता बढ़ गई है।

जोड़ा और चंपुआ क्षेत्र में भी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। सुना नदी के उफान से जोड़ा नगरपालिका के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं, जबकि बड़बिल के कुछ हिस्सों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

मयूरभंज जिले में बुधाबलंग नदी का बढ़ता जलस्तर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। बारीपदा शहर के वार्ड संख्या 7 और 8 के नदी तटीय इलाकों में पानी घुस गया है।

रासगोविंदपुर के सारुमुला पुल पर करीब चार फीट पानी बहने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। इसके अलावा बारीपदा-अमरदा सड़क मार्ग पर भी आवागमन प्रभावित हुआ है। बंगिरिपोसी के कालियामी पुल के ऊपर से भी बुधाबलंगा नदी का तेज बहाव जारी है।

बालेश्वर जिले में स्थिति और अधिक चिंताजनक बनी हुई है। बस्ता ब्लॉक के मथानी में जलका नदी का जलस्तर सुबह छह बजे 7.84 मीटर दर्ज किया गया, जो 6.50 मीटर के खतरे के निशान से काफी ऊपर है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि बारिश जारी रहने पर बस्ता ब्लॉक की 17 पंचायतों के करीब 90 गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।

बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों और बाढ़ राहत केंद्रों में पहुंचाना शुरू कर दिया है। विभिन्न जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं।

प्रशासन ने नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई इलाकों में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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