ओडिशा में कलेक्टर की मौजूदगी में जनसुनवाई के दौरान 2 किसानों ने पिया जहर, प्रशासन में मचा हड़कंप
केंद्रापड़ा जिले में जनसुनवाई के दौरान दो किसानों ने अवैध झींगा पालन से खेतों को हुए नुकसान के विरोध में जहर पीने की कोशिश की। ...और पढ़ें

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
जनसुनवाई में दो किसानों ने जहर पीने की कोशिश की।
अवैध झींगा पालन से कृषि भूमि हो रही दूषित।
प्रशासनिक निष्क्रियता से निराश होकर उठाया यह कदम।
जागरण संवाददाता, अनुगुल। जिस जनसुनवाई में किसानों को अपनी समस्या का समाधान मिलने की उम्मीद थी, वहीं सोमवार को दो किसानों ने कथित तौर पर जहर पीकर जान देने की कोशिश कर दी।
केंद्रापड़ा जिले के राजनगर तहसील में कलेक्टर रघुराम आर. अय्यर की मौजूदगी में हुई घटना से प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल दोनों किसानों को रोका और इलाज के लिए भेजा। जहर पीने की कोशिश करने वाले किसानों की पहचान तालचुआ के गणेश चंद्र मंडल और ढोलामारा के रामकृष्ण मंडल के रूप में हुई है।
किसानों का आरोप है कि इलाके में चल रहे अवैध झींगा पालन केंद्रों से निकलने वाला दूषित पानी उनके कृषि खेतों में पहुंच रहा है।
इससे मिट्टी की गुणवत्ता और फसल दोनों प्रभावित हो रहे हैं तथा उत्पादन लगातार घट रहा है। किसानों का कहना है कि समस्या को लेकर वे कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के पास गुहार लगा चुके थे।
नहीं मिला समाधान
कलेक्टर से लेकर मंडल वन अधिकारी तक शिकायत पहुंचाने के बावजूद उन्हें समाधान नहीं मिला। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली झींगा पालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
इसी कथित प्रशासनिक निष्क्रियता से निराश होकर उन्होंने जनसुनवाई में ही यह कदम उठाया। घटना ने सरकारी जनसुनवाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिस मंच पर आम लोगों की शिकायतें सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाना है, वहां दो किसानों का कथित तौर पर जहर पीने की कोशिश तक पहुंच जाना प्रशासन के लिए गंभीर चेतावनी है।
कलेक्टर रघुराम आर. अय्यर ने कहा कि किसानों की शिकायतों की जांच की जा रही है और उनके मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।
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