ओडिशा में तांत्रिक के अंधविश्वास में नाग से लिया पंगा, दांतों से चबा डाला सांप का फन
ओडिशा के झारसुगुड़ा में एक व्यक्ति ने तांत्रिक के अंधविश्वास में आकर जिंदा नाग का फन दांतों से काट दिया। इस घटना के बाद वह बीमार पड़ गया और अस्पताल मे ...और पढ़ें

ओडिशा में तांत्रिक के अंधविश्वास में नाग से लिया पंगा, दांतों से चबा डाला सांप का फन
HighLights
तांत्रिक के अंधविश्वास में व्यक्ति ने नाग का फन काटा।
झारसुगुड़ा में अंधविश्वास के चलते हुई यह चौंकाने वाली घटना।
डॉक्टरों ने सांप काटने पर तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी।
संवाद सूत्र, झारसुगुड़ा। आमतौर पर सांप का नाम सुनते ही लोगों के पसीने छूट जाते हैं, लेकिन ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के लयकेरा ब्लॉक अंतर्गत पाकेलपाड़ा कर्मापाड़ा में एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है।
यहां एक व्यक्ति ने तांत्रिक के अंधविश्वास में आकर एक जिंदा नाग का फन अपने दांतों से काटकर अलग कर दिया। इस घटना में जहां सांप की मौत हो गई, वहीं तबियत बिगड़ने पर उक्त व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां से अब उसे छुट्टी दे दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, पाकेलपाड़ा कर्मापाड़ा निवासी धर्मसिंह खड़िया रविवार की शाम अपने खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनका पैर अचानक एक नाग सांप पर पड़ गया। पैर पड़ते ही नाग फन उठाकर फुफकारने लगा, जिससे धर्मसिंह बुरी तरह घबरा गए। हालांकि, वहां से भागने के बजाय उन्होंने खौफनाक कदम उठाते हुए सांप को अपने हाथों से दबोच लिया।
धर्मसिंह ने बताया कि कुछ समय पहले एक तांत्रिक ने उन्हें अंधविश्वास का पाठ पढ़ाया था कि अगर कोई सांप काट ले या सामने आ जाए, तो पलटकर उसी सांप को काट लेने से जहर का असर खत्म हो जाता है। तांत्रिक की इसी बेतुकी बात को सच मानकर धर्मसिंह ने नाग के फन को अपने दांतों से चबाकर धड़ से अलग कर दिया।
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इस घटना के तुरंत बाद धर्मसिंह की खुद की तबियत भी बिगड़ने लगी और उन्हें अस्वस्थ महसूस होने लगा। परिजनों ने बिना देरी किए उन्हें तत्काल बामड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (गोविंदपुर अस्पताल) पहुंचाया। वहां डॉ. प्रभुपाद मिश्र और कैलाश प्रधान ने उनकी गहन जांच की और इलाज शुरू किया।
डॉक्टरों के मुताबिक, मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर पाई गई, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें 24 घंटे की चिकित्सकीय निगरानी में रखने के बाद आज अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
इस घटना के बाद चिकित्सा प्रभारी डॉ. मिश्र ने क्षेत्र के लोगों से अंधविश्वास से बचने की सख्त अपील की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि "सांप के काटने पर सांप को काट लेने से जहर का असर नहीं होता" जैसी धारणा पूरी तरह से गलत, भ्रामक और जानलेवा है।
डॉक्टरों ने आम जनमानस को जागरूक करते हुए कहा कि सांप के डसने की स्थिति में किसी भी तरह के झाड़-फूंक, तांत्रिक या घरेलू उपाय पर निर्भर न रहें। ऐसे मामलों में समय ही जीवन है, इसलिए मरीज को बिना कोई देरी किए तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचें। फिलहाल, इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।