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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ओडिशा में आज भी जारी रहेगा हीट वेव: छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट, कुछ हिस्‍सों में कालबैसाखी की है संभावना

    Updated: Fri, 31 May 2024 12:55 PM (IST)

    Odisha Heatwave Alert ओडिशा में झुलसाती धूप अधिक तापमान और गर्म हवा के थपेड़ों से जीना बेहाल हो गया है। खासकर पश्चिम ओडिशा में स्थिति अधिक खराब है। य ...और पढ़ें

    ओडिशा में आज भी जारी रहेगा रहेगा हीट वेब: छह जिलों में आरेंज,10 जिलों में पीली चेतावनी
    ओडिशा में आज भी जारी रहेगा रहेगा हीट वेब: छह जिलों में आरेंज,10 जिलों में पीली चेतावनी

    HighLights

    1. झारसुगुड़ा, संबलपुर, सोनपुर, बौद्ध, कंधमाल और बलांगीर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
    2. सुंदरगढ़, देवगढ़, केंदुझर, खुर्दा, गंजाम, गजपति, बरगढ़, नुआपड़ा, कालाहांडी और मालकानगिरी के लिए जारी येलो अलर्ट

    जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। Odisha Heatwave Alert : ओडिशा में असहनीय उमस भरी गर्मी से आम जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खासकर पश्चिम ओडिशा में स्थिति बेहाल हो गई है। आलम यह है कि पश्चिम ओडिशा में 19 लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम की इस तरह बेरूखी को देखते हुए क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने आज राज्य में भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है। हिट वेव के साथ उमश भरी रात एवं तटीय क्षेत्र में आर्द्रता की स्थिति जारी रहने की चेतावनी जारी की है।

    कुछ जगहों पर कालबैसाखी की है संभावना

    झारसुगुड़ा, संबलपुर, सोनपुर, बौद्ध, कंधमाल और बलांगीर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।सुंदरगढ़, देवगढ़, केंदुझर, खुर्दा, गंजाम, गजपति, बरगढ़, नुआपड़ा, कालाहांडी और मालकानगिरी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। कुछ जगहों पर कालाबैसाखी की भी संभावना है।

    अप्राकृतिक मौतों की संख्या में लगातार इजाफा

    मौसम की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य निदेशक डॉ नीलकंठ मिश्रा ने कहा है कि अब तक पश्चिमी ओडिशा से 16 मौतें हुई हैं।

    अब तक राउरकेला में 10, सुंदरगढ़ में चार और झारसुगुड़ा में दो लोगों की मौत हो चुकी है। सभी मृतकों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने पर मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।

    लोक स्वास्थ्य निदेशक डॉ. नीलकंठ मिश्रा ने बताया कि अप्राकृतिक मौत की संयुक्त जांच राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग और स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही है।

    दूसरी ओर, यह ज्ञात नहीं है कि अप्राकृतिक मौत स्ट्रोक के कारण हुई थी या अन्य कारण थे। अप्राकृतिक मौतों की संख्या में वृद्धि चिंता का कारण बन गई है।

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