अस्पष्ट आरोपों की जांच नहीं की जा सकती', ममता के आरोपों पर आया CEO मनोज अग्रवाल का जवाब
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ईवीएम हेरफेर और मतगणना केंद्र पर हाथापाई के आरोपों को खारिज कर ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की फाइल फोटो।
HighLights
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ममता बनर्जी के आरोपों को नकारा
आरोपों के समर्थन में सबूतों की कमी बताई गई
मतगणना केंद्र पर हाथापाई की शिकायत दर्ज नहीं हुई
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सभी आरोपों को नकारते हुए अपना जवाब जारी किया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने अपने जवाब में सबूतों की कमी और किसी भी औपचारिक शिकायत के न होने का हवाला दिया है।
अपने आरोपों में मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) में हेरफेर को लेकर चिंता जताई थी। इसके जवाब में, अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि अस्पष्ट आरोपों की जांच नहीं की जा सकती। "अगर कोई खास बात नहीं है, तो हम जवाब नहीं दे सकते। ये मशीनें कौन सी थीं? ये किन मेजों पर रखी थीं? ये किस विधानसभा सीट की थीं? अगर ये खास बातें साफ नहीं हैं, तो हम जवाब कैसे दे सकते हैं?"
FIR दर्ज नहीं कराई गई थी : CEO
मुख्यमंत्री के इस दावे पर कि मतगणना केंद्र पर उनके साथ हाथापाई की गई थी, CEO ने कहा कि आंतरिक रिपोर्ट और निगरानी से कुछ और ही पता चलता है। CEO ने पुष्टि की कि पूरी प्रक्रिया के दौरान कैमरे चालू रहें। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री या उनकी टीम की ओर से कथित घटना के संबंध में कोई औपचारिक शिकायत या FIR दर्ज नहीं की गई थी।
CEO ने आगे कहा, "CCTV कैमरा कभी बंद नहीं हुआ। मैंने DEO से भी बात की; किसी के साथ मारपीट नहीं हुई। किसी भी उम्मीदवार के साथ ऐसी बातें कभी नहीं होतीं। अगर ऐसा होता भी है, तो शिकायत दर्ज की जाती है और FIR लिखी जाती है। न तो कोई शिकायत मिली और न ही कोई FIR दर्ज की गई। ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।"
खबरें और भी
मतगणना प्रक्रिया में CEO की कोई भूमिका नहीं
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और CEO के कार्यालय के प्रति भी अपनी नाराजगी जाहिर की। अग्रवाल ने अपनी भूमिका की कानूनी सीमाओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि मतगणना प्रक्रिया का प्रबंधन रिटर्निंग ऑफिसर (RO) द्वारा DEO के मार्गदर्शन में किया जाता है, इसमें CEO की कोई भूमिका नहीं होती।
इसके अलावा जब ममता बनर्जी के एक अड़े हुए रुख के बारे में पूछा गया, जिसमें उन्होंने कहा था, "मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, मैं हारी नहीं हूं।" तो अग्रवाल ने पूरी तरह से निष्पक्ष और प्रशासनिक रुख बनाए रखा। उन्होंने कहा, "हमारा इससे क्या लेना-देना है? वह CM हैं। यहां एक गवर्नर हैं। संविधान सबसे ऊपर है। CEO और ECI का इससे कोई लेना-देना नहीं है।"
ममता ने इस्तीफा नहीं देने की कही बात
मालूम हो कि इससे पहले, पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने BJP पर निशाना साधा और दावा किया था कि, "वह विधानसभा चुनाव नहीं हारी हैं और अपना इस्तीफा देने के लिए राजभवन नहीं जाएंगी। उन्होंने कहा, "वे चुनाव आयोग के जरिए तृणमूल कांग्रेस को हरा सकते हैं। लेकिन, नैतिक तौर पर हम चुनाव जीत गए हैं।"
एक तरफ सोमवार को घोषित विधानसभा चुनाव के नतीजों में BJP ने भारी बहुमत के साथ 207 सीटें जीतीं। वहीं, दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस, जो पिछले 15 सालों से पश्चिम बंगाल में सत्ता में है, 80 सीटों पर सिमट गई। अब राज्य में फिलहाल BJP अपनी पहली सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां कर रही है।