Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यूपी चुनाव के लिए कांग्रेस का प्लान B तैयार, अखिलेश के साथ चर्चा के बाद राहुल ने टीम को दिया नया टास्क

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 09:00 PM (GMT+05:30)

    कांग्रेस हाईकमान ने यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए अपनी टीम में बदलाव किया है, जिसमें अधिकांश युवा सचिव नियुक्त किए गए हैं। ...और पढ़ें

    अखिलेश के साथ चर्चा के बाद राहुल ने टीम को दिया नया टास्क (फाइल फोटो)

    अखिलेश के साथ चर्चा के बाद राहुल ने टीम को दिया नया टास्क (फाइल फोटो)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    संजय मिश्र, नई दिल्ली। कांग्रेस हाईकमान ने उत्तरप्रदेश के प्रभारी पार्टी सचिवों को हटाकर अगले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन से लेकर संगठन की चुनौतियों के कील-कांटे दुरूस्त करने को अब गति देने की शुरूआत कर दी है।

    खास बात यह है कि प्रदेश के लिए नियुक्त छह नए सचिव में अधिकांश युवा हैं और माना जा रहा कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की सहमति से ही इनकी नियुक्ति की गई है।

    इसके साथ ही उत्तरप्रदेश के लिए एआइसीसी की नई टीम का गठन पूरा हो गया है। राज्य के प्रभारी सचिवों को बदले जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व में परिवर्तन की संभावनाएं अब कमजोर पड़ गई है।

    अंदरूनी चुनौतियों से उबर रही कांग्रेस 

    उत्तरप्रदेश में संगठन की अंदरूनी चुनौतियों से उबर कर चुनाव तैयारियों को गति देने की कांग्रेस की कोशिशें प्रयागराज में शनिवार को राहुल गांधी के जेन-जी छात्रों के साथ संवाद छात्रों की गूंज के लिए प्रदेश कांग्रेस और एआइसीसी टीम के बीच समन्वय और सक्रियता में भी नजर आ रहा है।

    राहुल गांधी के इस कार्यक्रम को पार्टी उत्तरप्रदेश के चुनाव में पार्टी के अभियान की अनौपचारिक शुरूआत मान रही है। राजेंद्र पाल गौतम ने हाल ही में उत्तरप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी की कमान संभालने के बाद से प्रदेश और जिला संगठनों के लिए चुनावी लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं। सपा के साथ गठबंधन में बराबरी की हिस्सेदारी जैसे उनके बयानों ने दोनों दलों के बीच आपसी तल्खी बढ़ाई थी।

    हालांकि सचिवों को बदले जाने की बुनियादी वजह यह रही कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय तथा पुराने प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे भी इनकी कार्यशैली से असहज थे। प्रदेश तथा जिला संगठन में नियुक्तियों से लेकर राजनीतिक फैसलों में इन सचिवों का दखल इतना था कि प्रदेश कांग्रेस का एक बड़ा वर्ग लगातार असहज था।

    खबरें और भी

    युवा चेहरों को संगठन में मिली जगह 

    उत्तरप्रदेश की प्रभारी रह चुकीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से सीधे संवाद करने के कारण बदले गए सचिवों की खिलाफत करना प्रदेश नेताओं के लिए मुश्किल हो रहा था। हालांकि चुनाव निकट आने के साथ ही पार्टी हाईकमान तक इनकी शिकायतें पहुंचने लगी थीं।

    प्रदेश कांग्रेस की इस अंदरूनी खटपट को दुरूस्त करने के लिए नेतृत्व ने सबसे पहले प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे को बदल कर उनकी जगह राजेंद्र पाल गौतम को नया प्रभारी बनाया जो राहुल गांधी की पंसद माने जाते हैं। बताया जाता है कि नए प्रभारी गौतम ने भी पुराने सचिवों को बदले जाने की राय का समर्थन किया था।

    प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम 

    विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की सक्रियता इससे भी स्पष्ट है कि प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में जाने से पहले बीते मंगलवार को उत्तरप्रदेश के अपने सभी छह लोकसभा सांसदों के साथ राज्यसभा सदस्यों प्रमोद तिवारी, राजीव शुक्ल और इमरान प्रतापगढ़ी की एक बैठक बुलाई थी।

    इसमें उत्तरप्रदेश की जमीनी राजनीतिक स्थिति से लेकर कांग्रेस की भावी रणनीति पर राय-मशविरा किया गया। समझा जाता है कि पार्टी सांसदों ने चुनावी तैयारियों को रफ्तार देने के साथ ही सपा के साथ गठबंधन करने की एक स्वर से राय दी।

    विशेषकर इस बात पर जोर दिया गया कि गठबंधन में अधिक जीत की संभावना वाली सीटों पर फोकस करते हुए अपनी लिस्ट को यथाशीघ्र तैयार करना कांग्रेस के लिए जरूरी है।

    हाईकमान की इस सक्रियता के बीच उत्तरप्रदेश कांग्रेस शनिवार को प्रयागराज में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम को सूबे में पार्टी का दमखम अब भी बचे होने का संदेश देने की पूरी कोशिश में जुटी है।

    यह भी पढ़ें- यूपी चुनाव को लेकर कांग्रेस ने संगठन टीम में किया बदलाव, छह नए सचिव नियुक्त

    यह भी पढ़ें- यूपी चुनाव के लिए अखिलेश यादव के सामने क्या है सबसे बड़ी चुनौती? प्रशांत किशोर से मांगी मदद, मिशन 2027 का फॉर्मूला तैयार