विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

PM Modi Birthday: 25 साल के 25 पड़ाव... गुजरात के मुख्यमंत्री से सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री तक का सफर

Published: Thu, 17 Sep 2026 11:25 AM (IST)

PM Modi 76th Birthday: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन आज पूरा देश मना रहा है। पीएम मोदी के कार्यकारी ...और पढ़ें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के 25 पड़ाव (जागरण)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के 25 पड़ाव (जागरण)

HighLights

  1. प्रधानमंत्री मोदी का 76वां जन्मदिन, 25 साल कार्यकारी पद पर पूरे।

  2. 'सेवा संकल्प अभियान' पीएम मोदी के राजनीतिक सफर का जश्न मनाएगा।

  3. गुजरात के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक का बेमिसाल सफर रहा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज गुरुवार, 17 सितंबर को 76वां जन्मदिन है। पीएम मोदी के जन्मदिन के मौके पर देश में अलग-अलग जगह कई कार्यक्रम रखे गए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने लोगों से आज घर-घर में दिया जलाने की बात भी कही है।

प्रधानमंत्री मोदी को कार्यकारी पद पर रहते हुए 25 साल पूरे होने वाले हैं। वे एक दशक से ज्यादा समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। वहीं 2014 में वे पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने और तब से अब तक वे देश की सत्ता की बागडोर संभाल रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी ने पीएम मोदी के कार्यकारी पद पर रहते हुए 25 साल पूरे होने की इस उपलब्धि को मनाने के लिए 'सेवा संकल्प अभियान' नाम से एक महीने तक चलने वाला देशव्यापी संपर्क कार्यक्रम शुरू किया है।

सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा और इसमें सरकार में रहते हुए पीएम मोदी के 25 साल के सफर पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

PM मोदी का 39 साल का राजनीतिक सफर

प्रधानमंत्री मोदी 1971 में 21 साल की उम्र में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ गए थे। 1978 में उन्हें संघ का प्रचारक बनाया गया।

1987 में जब पीएम मोदी, भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़े, तब से ही उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हो गई। 1988 में उन्हें गुजरात में भाजपा का महासचिव बनाया गया और कहा जाए तो तब से ही उन्होंने गुजरात का साथ नहीं छोड़ा।

इस बात को कहने में भी अतिशयोक्ति नहीं होगी कि जहां पीएम मोदी ने गुजरात का साथ नहीं छोड़ा, वहीं गुजरात की जनता ने भी पीएम मोदी का पूरा साथ निभाया। गुजरात ने लोगों ने उन्हें अपना मुख्यमंत्री चुना, वहीं प्रधानमंत्री पद की राह भी दिखाई।

2001 में पहली बार बने गुजरात के मुख्यमंत्री

नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। उनके कार्यकाल के शुरुआती सालों में 2001 के भूकंप के बाद गुजरात के पुनर्निर्माण पर ध्यान दिया गया।

मुख्यमंत्री मोदी ने गुजरात के बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई विकास पहलें शुरू कीं।

PM Modi (74)

गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2003- गुजरात में 2001 में आए भूकंप के बाद भविष्य में ऐसी ही आपदाओं से निपटने के लिए सरकार ने काम किया। गुजरात सरकार ने देश का पहला विशेष आपदा प्रबंधन कानून बनाया।

ज्योतिग्राम योजना- गुजरात के गांवों तक 24 घंटे बिजली पहुंचाने का काम किया।

वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट- 2003 में शुरू की गई इस समिट का लक्ष्य विदेशी निवेश को गुजरात तक लाना था। इसी के चलते राज्य को बिजनेस हब के तौर पर खड़ा किया गया।

सुजलाम सुफलाम योजना से सिंचाई विस्तार- सुजलाम सुफलाम योजना के साथ ही चेक डैम निर्माण से गुजरात के सूखाग्रस्त क्षेत्रों तक पानी पहुंचाया। इससे सिंचाई में पानी की समस्या भी दूर हुई।

कन्या केलवणी अभियान व शाला प्रवेशोत्सव- इस योजना के तहत लड़कियों की शिक्षा को मजबूत बनाया गया, जिससे वे प्राइमरी शिक्षा के साथ उच्च शिक्षा भी हासिल कर सकें।

ई-गवर्नेंस, गिफ्ट सिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर- प्रशासन का डिजिटलीकरण किया गया। मुख्यमंत्री मोदी ने भारत के पहले अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय केंद्र (Gift City) की नींव रखी। साबरमती रिवरफ्रंट और BRTS जैसे मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया।

मैं नरेंद्र दामोदरदास मोदी...

2014 में लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने नरेंद्र मोदी को अपना चेहरा बनाया और उन्होंने गुजरात मॉडल को देश के सामने रखा।

26 मई, 2014 को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और तब से अब तक वे तीन बार पीएम पद की शपथ ले चुके हैं। बतौर प्रधानमंत्री ये उनका तीसरा कार्यकाल है।

PM Modi (75)

प्रधानमंत्री जन-धन योजना- देश के हर नागरिक से बैंक में खाता खुलवाने की अपील की। इसके लिए बैंकों में जीरो बैलेंस पर अकाउंट खुलने लगे।

स्वच्छ भारत मिशन- देश के ग्रामीण इलाकों में शौचालय खुलवाए और लोगों को स्वच्छता का संकल्प दिलाया।

मेक-इन-इंडिया- ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का अभियान चलाया। सेमीकंडक्टर से लेकर डिफेंस सेक्टर में भारत को आत्मनिर्भर बनाया।

डिजिटल इंडिया और UPI- दुनिया में भारत की डिजिटल पावर दिखाई। इस काम को इतना बड़े स्तर पर ले जाया गया कि भारत, डिजिटल पेमेंट का ग्लोबल लीडर बन गया।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना- इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को फ्री एलपीजी सिलिंडर दिए गए।

नोटबंदी- देश के काले धन पर शिकंजा कसने के लिए 2016 में 500 और 1,000 के पुराने नोट बंद कर दिए गए।

वस्तु एवं सेवा कर (GST)- एक देश, एक कर की अवधारणा से पूरे भारत में वस्तुओं की खरीद पर एक ही टैक्स लगाया गया, जिससे मनमाने रेट पर वस्तुओं को न बेचा जा सके।

आयुष्मान भारत योजना- पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देने वाली स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की गई।

PM-Kisan सम्मान निधि- पीएम किसान सम्मान निधि के तहत सीधे किसानों के खातों में 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता।

अनुच्छेद 370 और 35A को हटाया- अगस्त, 2019 में जम्मू-कश्मीर के लिए ऐतिहासिक फैसला। अनुच्छेद 370 और 35A को हटाकर शांति, सुरक्षा और विकास की शुरुआत की और एक देश-एक संविधान की बात कही।

नागरिकता संशोधन कानून- 11 सितंबर, 2019 को नागरिकता संशोधन कानून पास किया गया। ये 1955 के नागरिकता कानून का संशोधन था, जो कि अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से 2014 तक भारत आए धार्मिक अल्पसंख्यकों के उन शरणार्थियों के लिए भारतीय नागरिकता पाने का एक रास्ता बनाया, जो उत्पीड़न का शिकार हुए थे।

राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा- 22 जनवरी, 2024 को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की।

COVID-19 टीकाकरण अभियान- देश में जब कोरोनाकाल आया, तब सरकार ने 220 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन डोज लगाईं।

जल जीवन मिशन- 15 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण परिवारों में नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाया।

UCC को लेकर उठाए कदम- समान नागरिक संहिता को कुछ भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों में लागू किया जा रहा है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम- संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण देने के लिए सरकार कानून लाना चाहती है।

G20 की अध्यक्षता- 2023 में भारत ने G20 की सफल अध्यक्षता की।

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार- वंदे भारत ट्रेन से नमो भारत ट्रेन, नेशनल हाईवे, रोड इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस कॉरिडोर समेत आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया।

BRICS में ग्लोबल साउथ की आवाज- ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 ग्लोबल साउथ की आवाज बना। इस समिट में दुनिया ने भारत की ताकत देखी। पांच देशों का ये समूह अब 21 देशों का ग्रुप बन गया है।

यह भी पढ़ें- पीएम मोदी के जन्मदिवस के दिन अन्नपूर्णा दिवस मनाएगी बंगाल सरकार, इस महीने 1.58 करोड़ महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ