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    E20 एथेनॉल से खराब हो रही गाड़ियां? पानी के इस्तेमाल और खराब इंजन होने के वायरल दावों पर सरकार ने बताई सच्चाई

    Updated: Fri, 03 Jul 2026 09:45 PM (IST)

    सरकार ने E20 एथेनॉल के बारे में सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों का खंडन किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 10 बिंदुओं में स्पष्टीकरण दिया ...और पढ़ें

    E20 एथेनॉल के इस्तेमाल पर सरकार ने दी सफाई (AI जेनरेटेड फोटो)

    E20 एथेनॉल के इस्तेमाल पर सरकार ने दी सफाई (AI जेनरेटेड फोटो)

    HighLights

    1. सरकार ने E20 एथेनॉल पर फैल रही अफवाहों को खारिज किया।

    2. इंजन खराब होने और पानी की खपत के दावे गलत बताए।

    3. पेट्रोलियम मंत्रालय ने E20 कार्यक्रम पर 10-सूत्रीय स्पष्टीकरण दिया।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। E20 एथेनॉल के इस्तेमाल पर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों का सरकार ने खंडन किया है। सरकार ने आज शुक्रवार, 3 जुलाई को पानी की ज्यादा खपत, इंजन खराब होने, पर्यावरण को नुकसान और फ्यूल की सुरक्षा से जुड़े दावों को खारिज कर दिया।

    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने E20 एथेनॉल पर 10 बिंदुओं में स्पष्टीकरण दिया है। E20 प्रोग्राम वो है, जिसके तहत पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक एथेनॉल मिलाया जाता है।

    E20 एथेनॉल पर सरकार ने दी सफाई

    गाड़ियों की परफॉर्मेंस को लेकर जताई गई चिंताओं पर मंत्रालय ने कहा कि ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) द्वारा किए गए ट्रायल में गाड़ी चलाने में आसानी या फ्यूल की क्षमता पर कोई खास बुरा असर नहीं देखा गया और माइलेज में भी केवल मामूली बदलाव आया।

    सरकार ने इस ट्रायल में पैसेंजर गाड़ियों से लगभग 40,000 किमी और दोपहिया वाहनों से 20,000 किमी की दूरी तय की। मंत्रालय ने यह भी कहा कि E20 के लिए तैयार की गई गाड़ियों को इथेनॉल की ज्यादा ऑक्टेन रेटिंग से फायदा हो सकता है।

    E20 से इंजन खराब होने या गाड़ी के पार्ट्स में जंग लगने के आरोपों पर सरकार ने ARAI की इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के साथ मिलकर की गई स्टडीज का भी हवाला दिया।

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    PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, इन स्टडीज में गाड़ी चलाने में आसानी या मेटल और प्लास्टिक के पार्ट्स के तालमेल से जुड़ी कोई समस्या नहीं पाई गई। हालांकि पुरानी गाड़ियों में रबर के कुछ पार्ट्स को बदलने की जरूरत पड़ सकती है।

    गाड़ियों की वारंटी या इंश्योरेंस पर नहीं पड़ेगा असर

    मंत्रालय ने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि E20 ईंधन के इस्तेमाल से गाड़ियों की वारंटी या इंश्योरेंस कवर खत्म हो सकता है।

    मंत्रालय ने बताया कि ऑटोमोबाइल बनाने वाली कंपनियों और इंश्योरेंस कंपनियों ने साफ किया है कि E20 के लिए डिजाइन या मंजूर की गई गाड़ियां लागू वारंटी और इंश्योरेंस शर्तों के तहत कवर रहेंगी।

    क्या E20 में 10,000 लीटर पानी का इस्तेमाल होता है?

    मंत्रालय ने उन दावों को भी खारिज किया कि एक लीटर एथेनॉल बनाने में 10,000 लीटर पानी लगता है। मंत्रालय ने कहा कि एथेनॉल बनाने के लिए सिर्फ वही चावल इस्तेमाल किया जाता है जो देश की खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के बाद बच जाता है।

    मंत्रालय ने आगे कहा कि एथेनॉल डिस्टिलरी में हर लीटर एथेनॉल के लिए लगभग 3-5 लीटर प्रोसेस्ड पानी का इस्तेमाल होता है और वे तेजी से 'जीरो लिक्विड डिस्चार्ज' सिस्टम के तहत काम कर रही हैं, जो पानी को रीसायकल करते हैं।

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