ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट से झटका, TMC बैंक खाते सीज मामले पर सुनवाई से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए ईडी द्वारा बैंक खाते सीज किए जाने के खिलाफ अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। ...और पढ़ें

ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत (फोटो-पीटीआई)
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी को अंतरिम राहत देने से किया इनकार।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच में टीएमसी के खाते किए सीज।
पार्टी ने कर्मचारियों के वेतन भुगतान में असमर्थता जताई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच के मोर्चे पर बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) गुट को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले में दखल देने से साफ इनकार कर दिया, जिसमें ईडी द्वारा पार्टी के तीन बैंक खाते सीज किए जाने के खिलाफ अंतरिम राहत देने से मना कर दिया गया था।
जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट का यह आदेश पूरी तरह 'संतुलित' है। इसने यह भी कहा कि चूंकि मुख्य याचिकाएं अभी हाई कोर्ट में विचाराधीन हैं, ऐसे में गुण-दोष पर किसी भी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
कर्मचारियों के वेतन और खर्चों को लेकर गरमाई बहस
सुनवाई के दौरान टीएमसी की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कोर्ट के समक्ष गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने दलील दी कि बैंक खाते पूरी तरह सीज होने के कारण पार्टी अपने कर्मचारियों को वेतन तक नहीं दे पा रही है।
कपिल सिब्बल ने सवाल उठाया कि अपराध की आय से अधिक राशि को क्यों सीज किया जा रहा है, जिससे पार्टी का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
गौरतलब है कि ईडी ने मनी-लांड्रिंग की जांच के सिलसिले में तीन बैंक खातों को सीज कर दिया है। इन खातों में कुल 440.42 करोड़ रुपये जमा थे।
यह जांच बंगाल पुलिस की ओर से दर्ज एफआइआर के आधार पर की जा रही है, जिसमें गलत तरीके से फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन, गैर-कानूनी तरीके से पैसे इकट्ठा करने और टीएमसी के कुछ खातों के जरिये संदिग्ध फंड के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं।
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दूसरी ओर, अडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने इसका विरोध करते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने पार्टी के रोजमर्रा के खर्चों को सुचारू रूप से चलाने के लिए पूरी छूट दी हुई है।
कोर्ट को बताया गया कि टीएमसी के नाम पर अन्य 36 बैंक खाते चालू हैं, जिनमें कुल 164 करोड़ रुपये की राशि मौजूद है। इसके अलावा, हाई कोर्ट ने खातों के जरिये दैनिक खर्चों के संचालन के लिए एक पूर्व जज को विशेष अधिकारी भी नियुक्त किया है।
क्या है पूरा मामला और ईडी की जांच?
यह पूरा कानूनी विवाद ईडी द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ा है। ईडी की प्रारंभिक जांच के अनुसार, अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच टीएमसी के खातों से लगभग 160 करोड़ रुपये 'केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' और उससे जुड़ी संस्थाओं को ट्रांसफर किए गए थे।
इनमें से 112 करोड़ रुपये का उपयोग एक बिजनेस जेट (एम्ब्रेयर लिगेसी 600) और एक हेलीकॉप्टर (अगस्तावेस्टलैंड 109एसपी) की खरीद में किए जाने का संदेह है।
कलकत्ता हाई कोर्ट के इसी आदेश के खिलाफ टीएमसी सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी, जहां इसने मामले की गंभीरता को देखते हुए हस्तक्षेप करने से मना कर दिया।
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