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    लोकसभा में पास हुआ केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने वाला विधेयक, विपक्ष के हंगामे के बीच बिना चर्चा के पारित

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 11:33 PM (IST)

    लोकसभा ने मंगलवार को केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने संबंधी विधेयक बिना किसी बहस के पारित कर दिया। ...और पढ़ें

    केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने वाला विधेयक लोकसभा में पास (प्रतीकात्मक फोटो)

    केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने वाला विधेयक लोकसभा में पास (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. केरल का नाम 'केरलम' करने वाला विधेयक पारित।

    2. राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम विधेयक भी बिना बहस पास।

    3. विपक्ष के हंगामे के बीच कई बिल पारित।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने संबंधी विधेयक लोकसभा ने मंगलवार को बिना किसी बहस के पारित कर दिया।

    लोकसभा ने सदन में गतिरोध के बीच राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी बिना बहस पारित कर दिया।

    इस दौरान विपक्ष के सदस्य दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की ज्यादती के मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सदन में मौजूद रहने की मांग को लेकर हंगामा करते रहे।

    बिना चर्चा के विधेयक पारित

    गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा सोमवार को पेश किए गए 'केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026' को नारेबाजी के बीच बिना किसी बहस के ध्वनि मत से पारित किया गया।

    केरल विधानसभा ने दो साल पहले प्रस्ताव पारित कर अनुरोध किया था कि राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने के लिए केंद्र सरकार कानून बनाए। केरल सरकार ने जून 2024 में राज्य की विधानसभा द्वारा नाम बदलने के संबंध में पारित प्रस्ताव केंद्र को भेजा था।

    केरल का नाम बदलने से संबंधित विधेयक पारित होने के बाद, सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया, जिसे हंगामे के बीच बिना किसी बहस के पारित कर दिया गया।

    इस सत्र में लोकसभा से अब तक पारित हुए 11 विधेयकों में से सिर्फ दो पर ही बहस हुई, जबकि बाकी बिल विपक्ष के विरोध के बीच बिना चर्चा के ही पास कर दिए गए।

    ट्रिब्यूनल संशोधन विधेयक संसद से पारित

    देशभर के विभिन्न ट्रिब्यूनलों के लिए चेयरपर्सन और सदस्यों का चयन करने के लिए एक 'नेशनल ट्रिब्यूनल कमीशन' (राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग) गठित करने संबंधी विधेयक राज्यसभा ने मंगलवार को पारित किया। यह विधेयक सोमवार को लोकसभा से पारित हुआ था।

    इसका मकसद अलग-अलग ट्रिब्यूनल के चेयरपर्सन और सदस्यों की योग्यता, नियुक्ति और सेवा की शर्तों में दक्षता, स्वतंत्रता, पारदर्शिता और एकरूपता लाना है। इसमें एक नेशनल ट्रिब्यूनल कमीशन बनाने का प्रस्ताव भी है।

    (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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