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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कांग्रेस के लिए एग्जिट पोल के नतीजे चिंता का विषय: अजय माकन

By T empEdited By:
Updated: Sun, 08 Feb 2015 04:24 PM (IST)

दिल्‍ली विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। अब एग्जिट पोल के नतीजों में भी कांग्रेस की हालत पहले से भी ज्‍यादा पतली होती नजर आ रही है। कांग्रेस नेता अजय माकन का कहना है कि अगर चुनाव के नतीजे हमारे विपरीत आते हैं,

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नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। अब एग्जिट पोल के नतीजों में भी कांग्रेस की हालत पहले से भी ज्यादा पतली होती नजर आ रही है। कांग्रेस नेता अजय माकन का कहना है कि अगर चुनाव के नतीजे हमारे विपरीत आते हैं, तो यह चिंता का विषय है, लेकिन जनता जो चाहती है लोकतंत्र में वही होता है।

तमाम एग्जिट पोल कांग्रेस को मात्र एक से दो सीटें मिलने का दावा कर रहे हैं। एग्जिट पोल पर चिंता व्यक्त करते हुए माकन ने कहा, 'एग्जिट पोल हमेशा सत्य के नजदीक होते हैं। यह हमारे लिये चिंता का विषय है। हमारी स्थिति अच्छी नहीं है। अगर नतीजे हमारे विपरीत आते हैं, तो सारी जिम्मेदारी मेरी ही होगी किसी और की नहीं।'

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आम आदमी पार्टी को एग्जिट पोल में बहुमत मिलता दिख रहा है। माकन का कहना है, 'अरविंद केजरीवाल को पिछले चुनाव में भी लोग चाहते थे। टॉर्च चिन्ह के कारण उनको बहुमत नहीं मिल पाया, लेकिन पिछले चुनावों में भी उन्हीं को जनादेश मिला था। लोग केजरीवाल को मौका देना चाहते हैं। लोगों को लगा कि आम आदमी पार्टी को 49 दिन कम मिले थे। इसलिए जनता ने इस बार उन्हें पूरा मौका देने का फैसला किया है।'

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दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार कांग्रेस के समर्थन से बनी थी। लोगों का कहना है कि अगर केजरीवाल को सरकार बनाने का मौका नहीं मिलता, तो शायद आज 'आप' को जनता का ऐसा समर्थन नहीं मिलता। लेकिन माकन कहते हैं, 'अगर हम आम आदमी पार्टी को 49 दिनों तक समर्थन नहीं देते, तब भी यही नतीजे आते। दरअसल, 28 सीटें आने पर ही लोगों को 'आप' पर विश्वास हो गया था। लोगों को अब लगा कि केजरीवाल भाजपा को हरा सकते हैं।'

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दिल्ली में आम आदमी पार्टी को मिलने जा रहे जनता के समर्थन को माकन अपने से ज्यादा भाजपा के लिए चिंता का विषय मानते हैं। उन्होंने कहा, 'एग्जिट पोल से भाजपा को हमसे ज्यादा बड़ा झटका लगा है। किरण बेदी को लेना परिकल्पित प्रश्न है। लोगों ने केजरीवाल को पहले भी चाहा था और उनका विश्वास अब और मजबूत हुआ है।''

अगर नतीजे एग्जिट पोल के मुताबिक ही आए तो माकन का क्या होगा। वह कहते हैं, 'मेरे लिए जो पार्टी तय करेगी, वो करूंगा। हमने चुनाव के दौरान पूरी इमानदारी से काम किया, इसलिए मेहनत करने के बाद कल नींद बहुत अच्छी आई। कल मैं पूरे आठ घंटे सोया। महीनों बाद मैंने आराम किया। हमने और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान बहुत मेहनत की, बाकी जनता का फैसला।'

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लोगों का मानना था कि अगर शीला दीक्षित को इस बार फिर चुनाव मैदान में उतारा जाता, तो कांग्रेस के लिए नतीजे बेहतर हो सकते थे। लेकिन माकन कहते हैं, 'देखिए, शीला दीक्षित का दिल्ली चुनाव में आना या न आना परिकल्पित प्रशन है। जनता जो चाहती है, लोकतंत्र में वही होता है। हालांकि कांग्रेस की बाउंस बैक करने की ताकत पर कोई प्रश्नचिन्ह नहीं लगा सकता।'