CMRL रिश्वत मामले में केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ दर्ज होगी FIR? ईडी ने DGP को लिखा पत्र
ईडी ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीना टी और दामाद पीए मोहम्मद रियास के खिलाफ सीएमआरएल ...और पढ़ें
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CMRL रिश्वत मामले में केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश (फाइल फोटो)
HighLights
ईडी ने विजयन, बेटी, दामाद पर एफआईआर के लिए लिखा पत्र।
सीएमआरएल ने वीना की कंपनी को 2.78 करोड़ रुपये दिए।
आयकर विभाग ने 130 करोड़ के फर्जी खर्चे उजागर किए।
डिजिटल डेस्क, कोच्चि। केरलम की खनन कंपनी कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े रिश्वत मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीना टी, दामाद पीए मोहम्मद रियास और कुछ अन्य के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के लिए राज्य के डीजीपी को पत्र लिखा है।
आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में अपनी जांच के निष्कर्षों का हवाला देते हुए मनी लॉन्ड्रिंग रोधी अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 66(2) के तहत दिशा-निर्देश भेजा है।
इस धारा के तहत ईडी को अपने आपराधिक जांच के निष्कर्षों को कानून प्रवर्तन एजेंसी से साझा करने का अधिकार है ताकि नई एफआइआर या शिकायत दर्ज की जा सके।
ईडी ऐसे में पुलिस मामले के आधार पर पीएमएलए मामला दर्ज कर सकती है। ईडी ने केरलम के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से विजयन, वीना, उनके पति और पूर्व मंत्री रियास और कुछ अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य कानूनों के तहत एफआइआर दर्ज करने का अनुरोध किया है, जो पीएमएलए के तहत की गई जांच के दौरान प्राप्त "साक्ष्यों" के आधार पर है।
ईडी का आरोप है कि केरलम की खनन कंपनी कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) ने वीना की अब बंद हो चुकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 'आइटी परामर्श सेवाओं' के बहाने 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
वीना की "अपराध की आय"
जांच एजेंसी ने जून में वीना के खिलाफ छापेमारी की, जो विजयन के साथ तिरुअनंतपुरम में किराए के आवास में रह रही थीं और बाद में उनसे पूछताछ की।
वीना टी. के खिलाफ की गई खोजों के दौरान कुछ "हाथ से लिखे" नोट जब्त किए गए थे, जिनमें दुबई में कुछ धन हस्तांतरण के विवरण थे। विजयन ने अपनी बेटी के खिलाफ ईडी के मामले को राजनीतिक प्रतिशोध बताया। ईडी ने दावा किया कि सीएमआरएल प्रबंधन और वीना ने "अपराध की आय" उत्पन्न की।
पीएमएलए मामला मार्च 2024 में दर्ज किया गया था, जब ईडी ने गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआइओ) की दर्ज शिकायत का संज्ञान लिया, तो अप्रैल 2025 में एर्नाकुलम अदालत में चार्जशीट दायर की।
130 करोड़ के फर्जी खर्चे
सीएमआरएल केंद्रीय जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गई थी, जब जनवरी 2019 में आयकर विभाग ने छापेमारी की थी, जिसमें 130 करोड़ के फर्जी खर्चे उजागर हुए।
कंपनी ने 2012-13 से 2018-19 के बीच "परिवहन" और "स्लज हैंडलिंग" के तहत "बोगस" नकद खर्चों को बुक कर अपने खर्चों को 133.82 करोड़ रुपये बढ़ाया और इससे मिले नकद का उपयोग नेताओं, पार्टियों, मीडिया हाउसों को अवैध भुगतान के लिए किया गया।
अभियोजन शिकायत में एसएफआइओ ने कहा कि सीएमआरएल ने 15 वर्षों में "रिश्वत" देने के लिए 182 करोड़ रुपये खर्च किए और सीएमआरएल के प्रमोटर एसएन ससीधरन कार्था व उनके परिवार की कंपनियों को परिवहन सेवाओं के लिए 91 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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