इथेनोल मिक्स पेट्रोल से कितना घट जाता है माइलेज, क्या खराब हो जाती हैं गाड़ियां? एक्सपर्ट्स ने बताई सच्चाई
देशभर में ई20 ईंधन से माइलेज घटने की शिकायतों पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि इथेनोल मिश्रित पेट्रोल से वाहनों के माइलेज पर असर पड़ता है। ...और पढ़ें

E20 से माइलेज में गिरावट (AI जेनरेटेड फोटो)
HighLights
E20 इथेनोल मिश्रित पेट्रोल से माइलेज में गिरावट स्वीकार।
मारुति सुजुकी ने 3% और ARAI ने 2-6% कमी बताई।
वाहन कंपनियों ने वाहनों को नुकसान न होने का दावा किया।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देशभर में ई20 (20 फीसद इथेनोल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर वाहन मालिकों की लगातार आ रही शिकायतों के बाद सरकार की तरफ से कुछ स्पष्टीकरण आने शुरू हुए हैं।
सोशल मीडिया और आम जनता से सैकड़ों शिकायतें आने के बाद शनिवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह स्वीकार किया गया कि इथेनोल वाले ईंधन से वाहनों का माइलेज घटता है।
E20 इथेनोल मिश्रित पेट्रोल से माइलेज में गिरावट
देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी के सीनियर एक्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती (कॉर्पोरेट अफेयर्स) ने बताया कि कारों की माइलेज तीन फीसदी तक कम हो सकती है।
वहीं पुणे स्थित आटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआइ) के निदेशक डा. रेजी माथाई ने दो से छह फीसदी तक माइलेज गिरावट की पुष्टि की। जबकि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दो दिन पहले ही यह बात स्वीकार की थी कि इथेनोल मिश्रित ईंधन से माइलेज प्रभावित होता है, हालांकि उन्होंने फीसद नहीं बताया था।
केंद्र सरकार की प्रेस वार्ता में मारुति, हुंडई, हीरो, टोयोटा समेत कई प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। मारुति सुजुकी के राहुल भारती ने बताया कि 'भारत ने वर्ष 2023 से E20 ईंधन को अनिवार्य किया है। इससे पहले E10 था।'
राहुल भारती ने बताया, '2023 के बाद कारें और ईंधन दोनों ई20 के अनुरूप हैं। चिंता का विषय यह है कि 2023 से पहले बनी और बेची गई कारें जो मुख्य रूप से ई10 के लिए डिजाइन की गई थीं, उनमें ई20 ईंधन का उपयोग करने पर क्या होगा?'
राहुल भारती ने आगे कहा, 'हमने कई तरह के उपाये वाहनों में किये हैं जिससे ई20 के उपयोग से वाहन में घिसाव, जंग या पार्ट्स की उम्र पर कोई समस्या नहीं होती। हमने इस बारे में कई जांच की हैं और कोई चिंताजनक बात नहीं मिली।'
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हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि चूंकि ईंधन में बदलाव होने से तीन फीसद तक माइलेज कम हो जाती है। उधर, एआरएआइ के निदेशक डॉ. माथाई का कहना है, 'ई20 ईंधन की तुलना में ई20 के प्रभाव का अध्ययन वाहन निर्माताओं के साथ मिलकर किया गया। हमें पता है कि इथेनोल की कैलोरीफिक वैल्यू थोड़ी कम होती है, इसलिए मिश्रण की भी कम होती है।'
राहुल भारती ने आगे कहा, 'नियंत्रित परीक्षणों में (जिसमें तापमान नियंत्रित रखा जाता है और वाहन रोलर्स पर चलाए जाते हैं) ईंधन खपत का सटीक आकलन किया गया। हमने 10 साल पुरानी, 8 साल पुरानी और 3-4 पुरानी विभिन्न कारों का परीक्षण किया, जिनमें दो से छह फीसद तक ईंधन खपत में वृद्धि (माइलेज में गिरावट) देखी गई।'
सनद रहे कि दो दिन पहले पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इथोनोल मिश्रित ईंधन को लेकर जारी विवाद पर एक विस्तृत नोट भी जारी किया था। तब पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने कहा था कि इथोनोल पेट्रोल से माइलेज थोड़ी कम हो सकती है लेकिन माइलेज कई और वजहों से भी घटती है जैसे वाहन चलाने की आदत या वाहन की स्थिति।
पुरी ने कहा था कि दुनिया भर मे अमेरिका, ब्राजील कई विकसित देशों में एथोनोल मिश्रित ईंधन वाले वाहन लगातार लोकप्रिय हो रहे हैं। इन ईंधन का इस्तेमाल फार्मूला रेसिंग कारों में भी हो रहा है।
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