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    '10 साल में 89 पेपर लीक, NTA की हो JPC जांच'; NEET मामले में कांग्रेस ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

    By Sanjay MishraEdited By: Deepak Gupta
    Updated: Wed, 13 May 2026 08:30 PM (IST)

    कांग्रेस ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच ...और पढ़ें

    NEET पेपर लीक मामले में कांग्रेस ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। (पीटीआई)

    NEET पेपर लीक मामले में कांग्रेस ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। (पीटीआई)

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    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस ने पेपर लीक के कारण नीट परीक्षा रद होने के मामले में सरकार पर हमला तेज करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के क्रिया-कलापों की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की मांग की है।

    जेपीसी का गठन कर पेपर लीक में शामिल दोषियों को सख्त सजा दिए जाने की भी पार्टी ने आवाज उठाई है। साथ ही एनटीए को विफल एजेंसी बताते हुए नए सिरे से होनेवाली नीट प्रवेश परीक्षा किसी अन्य विश्वसनीय सरकारी संस्था के माध्यम से कराए जाने की भी पार्टी ने मांग की है।

    कांग्रेस ने की धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत पार्टी का संपूर्ण शीर्ष नेतृत्व नीट पेपर लीक के कारण छात्रों की बढ़ी परेशानी को लेकर सरकार पर तीखे सवाल दाग रहा है।

    इस क्रम में पार्टी की ओर से बुधवार को युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भान चिब तथा छात्र इकाई NSUI के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेपर लीक को छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बताते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जेपीसी गठन की मांग की।

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    10 साल में 89 पेपर लीक- उदय भान चिब

    चिब ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में 89 पेपर लीक हो चुके हैं और 48 बार परीक्षाएं दोबारा करानी पड़ीं तथा 2017 में एनटीए के गठन के बाद से पेपर लीक लगातार जारी है। पेपर लीक होने से छात्रों का पूरे सिस्टम पर भरोसा टूट जाता है। चिब ने सवाल उठाया कि एनटीए का ऑडिट कौन करता है और निजी वेंडरों को परीक्षाएं आयोजित करने का काम देने का आधार क्या है?

    एनटीए केवल माफी मांग कर खानापूर्ति कर देता है- उदय भान चिब

    उन्होने कहा कि 2024 में जिन एनटीए महानिदेशक के कार्यकाल में पेपर लीक हुआ था, उन्हें छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव बना दिया गया। विनोद जाखड़ ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं हमारी शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और सिर्फ परीक्षा रद करना समस्या का समाधान नहीं है।

    पेपर लीक के बाद एनटीए केवल माफी मांग कर खानापूर्ति कर देता है और सरकार ऐसे मामलों में कोई जिम्मेदारी तय नहीं करती। लगातार ऐसी घटनाओं से छात्रों में भारी हताशा है।

    नीट 2026 पेपर लीक का केंद्र राजस्थान-विनोद जाखड़

    जाखड़ ने आरोप लगाया किया कि नीट 2026 पेपर लीक का केंद्र राजस्थान है और इसे भाजपा सरकार से राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है तथा सीकर, कोटा तथा जयपुर जैसे कोचिंग हब में अधिकांश कोचिंग संस्थान भाजपा नेताओं के हैं।

    ताजा पेपर लीक में जमवारामगढ़ के आरोपी दो भाइयों के बारे में जाखड़ ने दावा कि वे दोनों भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े हैं और उनकी तस्वीरें भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं के साथ हैं।

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