BRICS को AI का ओपन सोर्स देगा चीन, ट्रंप की बंदिशों के जवाब में चिनफिंग का बड़ा दांव
चिनफिंग ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पांच ठोस पहलों का एलान किया, जिसमें ब्रिक्स देशों के लिए एआई ओपन-सोर्स समुदाय बनाने का प्रस्ताव प्रमुख है।

ब्रिक्स देशों के लिए एआई ओपन-सोर्स समुदाय बनाने का प्रस्ताव

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जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। ऐसे समय जब ट्रंप प्रशासन अमेरिकी एआई कंपनियों को सिर्फ अमेरिकी हितों के इस्तेमाल करने के लिए दबाव बना रही है तब चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने देश की एआई कंपनियों की प्रौद्योगिकी को ज्यादा समावेशी बनाने की पेशकश की है।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में राष्ट्रपति चिनफिंग ने रविवार को पांच ठोस पहलों का एलान किया। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा उस प्रस्ताव की हो रही है जिसमें चीन ब्रिक्स देशों के लिए एआई ओपन-सोर्स समुदाय बनाने में अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है।
चीन ने खोला ब्रिक्स के लिए एआई ओपन-सोर्स
शी ने कहा कि चीन ब्रिक्स एआई ओपन-सोर्स कम्युनिटी की स्थापना में अगुवाई करेगा, बड़े भाषा मॉडल के विकास और इस्तेमाल में सहयोग बढ़ाएगा, विशेष सेमिनार व प्रशिक्षण पाठ्यक्रम चलाएगा और एआई का खुला इकोसिस्टम तैयार करेगा।
चीन की यह पेशकश सिर्फ तकनीकी सहयोग की बात नहीं लगती बल्कि वैश्विक प्रौद्योगिकी में अपनी छवि को और स्थापित करने की कूटनीति भी है।
अमेरिका और यूरोप के प्रमुख एआई डेवलपर अपने सबसे सक्षम माडल को साझा नहीं करते, चिप निर्यात पर नियंत्रण लगाते हैं और मानक तय करने की कोशिश करते हैं ताकि दूसरे देशों को इसकी पहुंच से अलग रखा जाए। इसके विपरीत चीन ने पिछले दो साल में डीपसीक, क्वेन, किमी जैसे ओपन एआई माडल दुनिया भर में इस्तेमाल के लिए खोला है।
चीन बड़े भाषा मॉडल विकास में सहयोग बढ़ाएगा
कई विकासशील देश इन्हीं माडलों पर अपनी स्थानीय भाषा और जरूरत के हिसाब से सिस्टम बना रहे हैं। शी का प्रस्ताव इसी रणनीति को ब्रिक्स के मंच पर संस्थागत रूप देने जैसा है। वैसे एक दिन पहले जारी नई दिल्ली संयुक्त घोषणा पत्र में इसका जिक्र नहीं है।
घोषणा पत्र में एआई संसाधनों तक व्यापक पहुंच, सुरक्षा, विश्वसनीयता और समावेशिता की बात जरूर कही गई है। भारत इसको स्वीकार करता है या नहीं, इसके लिए इंतजार करना होगा। कूटनीतिक वजहों से भारत चीन की प्रौद्योगिकी कंपनियों को लेकर बहुत उत्साह नहीं दिखाता।
शी ने एआई के अलावा चार और प्रस्ताव ब्रिक्स के लिए पेश की हैं। व्यापार-निवेश सुविधा पहल के तहत उन्होंने ब्रिक्स विशेष आर्थिक क्षेत्र साझेदारी बनाने का सुझाव दिया है। इसके तहत ब्रिक्स के तत्वाधान में मैन्युफैक्चरिंग जोन बनाया जाएगा, इसकी नीतियां समन्वित होंगी और खुले विकास का नया मोर्चा तैयार होगा।
चीन की वैश्विक प्रौद्योगिकी कूटनीति का हिस्सा
डिजिटल उद्योग सहयोग पहल में ब्रिक्स डिजिटल इकोसिस्टम क्लाउड प्लेटफार्म बनाने, डिजिटल कौशल प्रशिक्षण, तकनीक आदान-प्रदान और उद्योगों को जोड़ने की बात कही गई। स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पहल के तहत चीन अन्य ब्रिक्स देशों को स्मार्ट फैक्ट्री बनाने, मानक विकसित करने और विनिर्माण के रूपांतरण में मदद करने को तैयार है।
पांचवीं पहल विज्ञान-तकनीक प्रतिभा विकास की है। चीन ब्रिक्स इंजीनियर प्रशिक्षण गठबंधन बनाने का प्रस्ताव लेकर आया है, जिसमें इंजीनियरों का संयुक्त विकास और योग्यता मानकों की पारस्परिक मान्यता होगी।
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