तमिलनाडु में कावेरी विवाद पर TVK बनाम विपक्ष, सर्वदलीय बैठक बुलाने से क्यों कतरा रहे सीएम विजय?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय कावेरी जल विवाद को लेकर अपनी पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा का सामना कर रहे ...और पढ़ें

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय(फोटो: एएनआई)

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डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद सी. जोसेफ विजय अपनी पहली बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक परीक्षा का सामना कर रहे हैं। राज्य और पड़ोसी कर्नाटक के बीच लंबे समय से चल रहा कावेरी जल विवाद एक बार फिर गरमा गया है, जिसने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
विपक्ष, खास तौर पर डीएमके, टीवीके सरकार पर इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का भारी दबाव बना रहा है। हालांकि, सरकार ने इस मांग को खारिज कर दिया है। सरकार का आरोप है कि विपक्ष तमिलनाडु के हितों की रक्षा करने के बजाय मुख्यमंत्री के लिए राजनीतिक मुश्किलें खड़ी करने की कोशिश कर रहा है।
सर्वदलीय बैठक की मांग पर सरकार का रुख
सत्तारूढ़ पार्टी का तर्क है कि जब विपक्षी दल इस मुद्दे को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सर्वदलीय बैठक बुलाने का कोई मतलब नहीं है।
डीएमके लगातार मुख्यमंत्री से सवाल कर रही है कि वे सर्वदलीय बैठक बुलाने से क्यों कतरा रहे हैं। विपक्ष ने इस बात पर भी जोर दिया है कि कर्नाटक सरकार ने मेकेदातु बांध के मुद्दे पर पहले ही एक सर्वदलीय बैठक बुला ली है। इससे टीवीके सरकार पर भी ऐसा ही कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है।
सर्वदलीय बैठक की मांग को खारिज करते हुए, टीवीके के वरिष्ठ नेता और राज्य के कानून मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु विधानसभा में इस मुद्दे पर पहले ही विस्तार से चर्चा हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में सभी राजनीतिक दलों के समर्थन से सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया था। फिर सर्वदलीय बैठक की क्या आवश्यकता है? डीएमके केवल हमारे मुख्यमंत्री के लिए समस्याएं पैदा करने की कोशिश कर रही है और उसे तमिलनाडु के कल्याण की कोई चिंता नहीं है।
सीटीआर निर्मल कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री और डीएमके के शीर्ष नेतृत्व के बीच करीबी संबंध हैं।
विजय की कर्नाटक यात्रा रद
अतीत में, कावेरी विवाद में किसी बड़े घटनाक्रम के दौरान डीएमके और एआईएडीएमके दोनों ही सरकारों ने सर्वदलीय बैठकें बुलाई थीं। हालांकि, मौजूदा टीवीके सरकार एक अलग रणनीति अपनाती दिख रही है।
मुख्यमंत्री विजय ने बेंगलुरु जाकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री के साथ सीधी बातचीत शुरू करने की योजना बनाई थी। लेकिन कथित तौर पर कर्नाटक में जारी तनावपूर्ण स्थिति और विरोध प्रदर्शनों के कारण इस दौरे को रद कर दिया गया।
आलोचनाओं के बावजूद, टीवीके सरकार के सूत्रों का कहना है कि वे इस मुद्दे को संभालने को लेकर आश्वस्त हैं और उन्होंने भरोसा दिलाया है कि कावेरी जल पर तमिलनाडु के अधिकारों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी।
इस बीच, कावेरी जल और किसानों के मुद्दे पर टीवीके सरकार के कथित लचर रवैये की निंदा करते हुए, डीएमके 3 अगस्त को तंजावुर में एक विशाल विरोध प्रदर्शन करेगी।
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