हर टोल प्लाजा पर मिलेगी एंबुलेंस, 112 इमरजेंसी नंबर से होंगी कनेक्ट; सरकार का पायलट प्रोजेक्ट तैयार
Toll Plaza New Rules केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्गों पर एंबुलेंस सेवा का विस्तार कर रहा है। हर टोल प्लाजा पर राज्य सरकारें इन एंबुलेंस का संचालन देखेंगी।

नेशनल हाईवे पर मिलेगी एंबुलेंस सेवा (AI जेनरेटेड फोटो)
HighLights
नेशनल हाईवे पर एंबुलेंस सेवा का विस्तार।
हर टोल प्लाजा पर राज्य सरकारें एंबुलेंस संचालित करेंगी।
केंद्र सरकार उठाएगी एंबुलेंस और उसके संचालन का खर्च।
जितेंद्र शर्मा, नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्गों पर एंबुलेंस सेवा को विस्तार देने जा रहा है। एनएचएआइ केयर के अधीन पहले से ही लगभग तीन हजार एंबुलेंस संचालित हैं।
अब सड़क दुर्घटना के घायलों को तुरंत उपचार दिलाने की सेवा का विस्तार करते हुए केंद्र सरकार राज्यों को भी इससे जोड़ने जा रही है।
प्रत्येक टोल प्लाजा पर एक एंबुलेंस राज्य सरकार द्वारा भी संचालित की जाए, इसके लिए केंद्र द्वारा न सिर्फ एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी, बल्कि उसके संचालन का खर्च भी वहन किया जाएगा। जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर एंबुलेंस सेवा का विस्तार
देश में नेशनल हाईवे का नेटवर्क 1.46 लाख किलोमीटर का है। सड़क सुरक्षा के उपायों के बावजूद सड़क दुर्घटनाओं की गति नहीं रुक रही है। वर्ष 2025 में भी 1.83 लाख राहगीरों की जान सड़क हादसों में गई।
इस बीच सरकार इस दिशा में भी प्रयासरत है कि घायलों को समय पर उचित उपचार दिलाया जाए, ताकि इनमें से यथासंभव लोगों की जान बचाई जा सके। इसी के तहत एंबुलेंस सेवा को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।
संसद के पिछले सत्र में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राज्य सभा में कहा था कि यदि राज्य सरकारें एंबुलेंस का संचालन करते हुए दस मिनट में दुर्घटनास्थल पर एंबुलेंस पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें तो केंद्र सरकार एंबुलेंस देने के लिए तैयार है। अब मंत्रालय ने उस घोषणा पर कामकाज भी तेज कर दिया है।
सचिव वी. उमाशंकर ने बताया कि वैसे तो नेशनल हाईवे पर होने वाले हादसों में तुलनात्मक रूप से कुछ कमी आई है, फिर भी सतत प्रयास जारी हैं।
मंत्रालय का लक्ष्य है कि देश के हर टोल प्लाजा पर एक एंबुलेंस ऐसी भी चौबीसों घंटे तैनात रहे, जिसका संचालन राज्य की आपातकालीन सेवा के तहत किया जाए। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 1200 टोल प्लाजा हैं। इन पर अभी 500 एंबुलेंस तैनात हैं। इनके सहित बाकी सभी टोल प्लाजा के लिए भी एंबुलेंस लेकर राज्यों को देने का निर्णय किया है।
राज्यों के लिए शर्त होगी कि उन्हें इनका एकीकरण इमरजेसी टोल फ्री सर्विस 112 से एकीकरण करना होगा। जहां मल्टीलेन फ्री फ्लो के कारण टोल गेट नहीं हैं, उन इलाकों में एंबुलेंस की तैनाती आवश्यकता अनुसार राज्य करेंगे।
एनएचएआइ केयर सिस्टम से कॉर्डिनेट कर इन एंबुलेंस का भी संचालन किया जाएगा तो घायलों तक निश्चित ही जल्द सेवा पहुंचेगी।
सचिव ने बताया कि इनके संचालन का जिम्मा राज्यों का होगा, लेकिन खर्च सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय किस तरह वहन करेगा, इसके सहित अन्य नियम-शर्तों के संबंध में जल्द ही दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।
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