यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अपने बैंक से महीने में सिर्फ 5 बार एटीएम ट्रांजैक्शन मुफ्त!
बैंकों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) से अनुरोध किया है कि एटीएम से होने वाले प्रत्येक छठे लेन-देन पर शुल्क वसूलने की मंजूरी मिले। इसका मतलब है कि ...और पढ़ें

नई दिल्ली। बैंकों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) से अनुरोध किया है कि एटीएम से होने वाले प्रत्येक छठे लेन-देन पर शुल्क वसूलने की मंजूरी मिले। इसका मतलब है कि पांच बार तो आप किसी भी बैंक के एटीएम से मुफ्त में पैसे, अकाउंट का बैलेंस, पासवर्ड बदलने का काम कर सकते हैं। लेकिन अगर आपने छठी बार ऐसा किया तो बैंक आपसे पैसे वसूल लेगा।
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) ने प्रस्ताव दिया है कि अब हर महीने सिर्फ पांच बार मुफ्त ट्रांजैक्शन की इजाजत हो, चाहे वह वह अपने खाते से ही पैसे निकाल रहा हो या और कुछ। बैंकों को यह कदम इसलिए उठाना पड़ रहा है कि उन्हें एटीएम पर सिक्योरिटी गार्ड रखने पड़ रहे हैं जिससे उनका खर्च बढ़ गया है। इसके अलावा, उन्हें और भी सीसीटीवी लगाने होंगे। बेंगलुरु में एक एटीएम में एक महिला पर हुए हमले के बाद से एटीएम में सुरक्षा और कड़ी की जा रही है।
अफवाह पर ध्यान न दें, चलते रहेंगे लिखे हुए नोट
इतना ही नहीं, अभी तक ग्राहक द्वारा दूसरे बैंकों के एटीएम इस्तेमाल करने पर वह बैंक उसे 15 रुपये देता था लेकिन यह राशि अब बढ़ाकर 18 रुपये करने का प्रस्ताव है। वहीं, नॉन-कैश ट्रांजैक्शन पर बैंकों द्वारा 5 रुपये वसूले जाते हैं। दूसरे बैंकों के एटीएम से आप 10,000 रुपये तक निकाल सकते हैं। आरबीआई ने पहले ही संकेत दिया है कि बैंक अपनी मर्जी से एटीएम शुल्क वसूल सकते हैं तथा अपनी इच्छा से शुल्क भी तय कर सकते हैं।
