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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 01, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अफवाह पर ध्यान न दें, चलते रहेंगे लिखे हुए नोट

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Updated: Mon, 30 Mar 2015 06:40 PM (IST)

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि वे इस अफवाह पर ध्यान न दें कि 1 जनवरी, 2014 से बैंक लिखे हुए गंदे नोट स्वीकार नहीं करेंगे। रिजर्व बैंक ने एक अधिसूचना ...और पढ़ें

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मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि वे इस अफवाह पर ध्यान न दें कि 1 जनवरी, 2014 से बैंक लिखे हुए गंदे नोट स्वीकार नहीं करेंगे। रिजर्व बैंक ने एक अधिसूचना में कहा कि बाजार में इस तरह की अफवाह चल रही है कि 1 जनवरी 2014 से बैंक ऐसे नोट स्वीकार नहीं करेंगे, जिन पर लिखा होगा।

रिजर्व बैंक ने जनता से कहा कि वे इस तरह की अफवाहों के झांसे में न आएं और बैंक नोटों का इस्तेमाल बिना किसी भय के करें। रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया कि उसने इस तरह का कोई निर्देश जारी नहीं किया है।

केंद्रीय बैंक ने बताया कि हमने अगस्त में बैंक कर्मचारियों को निर्देश दिया था कि वे नोट गंदा नहीं करें। न ही उस पर कुछ लिखें। बैंक कर्मचारियों की भी नोटों पर लिखने की आदत हो गई है। इसीलिए बैंक कर्मचारियों को जागरूक करने की कोशिश के तहत अधिसूचना जारी की गई थी। हालांकि, कुछ लोगों ने अफवाह फैला दी। ऐसे नोट जब हमारे पास आएंगे तो हम उन्हें दोबारा जारी नहीं करेंगे।

आज से बदल जाएगा बहुत कुछ

केंद्रीय बैंक ने महात्मा गांधी सीरीज-2005 में 500 के नोट को रुपये के चिन्ह के साथ जारी करने का फैसला भी किया है। आरबीआइ ने बताया कि रुपये का चिन्ह दोनों तरफ होगा। इस पर गवर्नर रघुराम राजन के हस्ताक्षर होंगे। इन नए नोटों के डिजायन में कोई बदलाव नहीं किया गया है।